हरियाणा में 25 हजार अधिकारियों को RTI का प्रशिक्षण, मामलों के जल्द निपटारे पर जोर

चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई से जुड़ी शिकायतों और अपीलों के त्वरित निपटारे के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेशभर के करीब 25 हजार राज्य लोक सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों (एफएए) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। करीब एक वर्ष तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत 12 अगस्त से होगी। इसमें लगभग 6,300 सरपंच भी शामिल होंगे, जो ग्राम स्तर पर राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं।

मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने मंगलवार को आयोग कार्यालय में आयोजित कर्टेन रेजर कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य आरटीआई व्यवस्था को अधिक नागरिक-केंद्रित, संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों का निस्तारण कम समय में हो सके।

उन्होंने बताया कि यह प्रदेश में आरटीआई से संबंधित सबसे व्यापक क्षमता-वर्धन कार्यक्रमों में से एक होगा। लगभग 25 हजार अधिकारियों को एक वर्ष की अवधि में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण में अधिकारियों को आरटीआई अधिनियम के तकनीकी प्रावधानों के साथ-साथ कानून की भावना, उद्देश्य और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण से भी अवगत कराया जाएगा।

आयोग ने प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) की भूमिका को प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया है। प्रथम अपीलीय व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि अधिक से अधिक मामलों में नागरिकों की शिकायतों और अपीलों का समाधान विभागीय स्तर पर ही किया जा सके। इससे राज्य सूचना आयोग के समक्ष अनावश्यक अपील, मुकदमेबाजी और लंबित मामलों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए आयोग ने एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबाद और हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एचआईपीए) के साथ सहयोग किया है। प्रशिक्षण में विशेषज्ञता के लिए विधि संस्थानों से भी सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा।

मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आयोग आरटीआई मामलों की 100 प्रतिशत हाइब्रिड मोड में सुनवाई की व्यवस्था करने जा रहा है। इससे पक्षकारों को आयोग के समक्ष उपस्थित होने में सुविधा मिलेगी और सुनवाई प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है।

आयोग के वेब पोर्टल पर नागरिकों की सुविधा के लिए ‘लाइव लिंक’ शुरू करने का प्रस्ताव भी है। इसके माध्यम से पक्षकार उपलब्ध तारीख और समय के अनुसार सुनवाई के लिए स्लॉट का चयन कर सकेंगे। प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जरूरत होने पर उपलब्ध तिथि और समय चुनने की सुविधा भी प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह, करमवीर सैनी, नीता खेरा, संजय मदान और अजय सूरा सहित आयोग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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