हरियाणा सरकार का बड़ा टूरिज्म प्लान: पिंजौर में बनेगा हाई-टेक वेडिंग डेस्टिनेशन, 90 करोड़ रुपये से बदलेगी पर्यटन की तस्वीर
चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेड इन इंडिया’ विजन को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने पिंजौर में हाई-टेक वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से यादविन्द्रा गार्डन और मोरनी हिल्स के टिक्करताल का आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि यादविन्द्रा गार्डन और टिक्करताल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना तथा सरकारी राजस्व में वृद्धि करना है।
सरकार की योजना के अनुसार यादविन्द्रा गार्डन के निकट “वन स्टॉप डेस्टिनेशन फॉर वेडिंग” विकसित किया जाएगा, जहां विवाह समारोहों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस हाई-टेक वेडिंग डेस्टिनेशन में भव्य कन्वेंशन सेंटर, एग्जीबिशन सेंटर, आधुनिक पार्किंग, डिजिटल सुविधाएं और अन्य विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
परियोजना के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर एक लग्जरी होटल का भी निर्माण किया जाएगा। इस होटल की सबसे खास विशेषता इसकी अत्याधुनिक हेलिपैड सुविधा होगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले मेहमान सीधे हवाई मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे डेस्टिनेशन वेडिंग को नया आयाम मिलेगा और हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख वेडिंग हब के रूप में उभर सकेगा।
इसके अलावा, मोरनी हिल्स के टिक्करताल में भी पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। यहां एडवेंचर टूरिज्म, आधुनिक पर्यटक सुविधाएं और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को पर्यटन निवेश, डेस्टिनेशन वेडिंग और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल प्रदेश की पर्यटन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और रोजगार को भी बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ राज्य की पर्यटन पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।