गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में बुधवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश गुरुवार दोपहर तक जारी रही, जिससे शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर कई फीट तक पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और अनेक वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। ट्रैफिक पुलिस ने पूरे दिन मोर्चा संभालते हुए क्रेन की मदद से खराब वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू कराने का प्रयास किया।
सबसे अधिक जलभराव सेक्टर-14, हीरो होंडा चौक, इफ्को चौक, राजीव चौक, सोहना रोड, सिग्नेचर टावर, सेक्टर-9, सिविल लाइंस और पुराने गुरुग्राम के विभिन्न इलाकों में देखने को मिला। नालों और ड्रेनेज सिस्टम के ओवरफ्लो होने से सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव का असर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (एनएच-48) पर भी दिखाई दिया, जहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इफ्को चौक और राजीव चौक के आसपास कई कारें और दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। कई स्थानों पर एंबुलेंस को भी रास्ता बनाने में कठिनाई हुई। सोशल मीडिया पर लोगों ने जलभराव और जाम के वीडियो साझा कर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस सुबह से ही अलर्ट मोड पर रही। संवेदनशील चौराहों और जलभराव वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ट्रैफिक पुलिस ने क्रेन की सहायता से बंद पड़े वाहनों को हटवाया और कई मार्गों पर डायवर्जन लागू कर यातायात को वैकल्पिक रास्तों से संचालित किया। हीरो होंडा चौक और महिपालपुर बॉर्डर पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें और जलभराव वाले मार्गों से बचें।
लगातार हो रहे जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान गुरुग्राम की यही स्थिति बनती है, जबकि ड्रेनेज व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार लगातार बारिश के कारण पंपिंग व्यवस्था प्रभावित हुई, हालांकि जल निकासी के लिए टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। संभावित मौसम को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर विचार करने की सलाह भी जारी की है।
