गुरुग्राम में मानसून लापरवाही पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, जेई निलंबित, एजेंसी को नोटिस

गुरुग्राम: मानसून प्रबंधन में लापरवाही पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, जेई निलंबित

– पंपिंग मशीनरी उपलब्ध नहीं कराने पर एजेंसी को कारण बताओ नोटिस
– जलभराव से परेशान लोगों के बाद निगम ने दिखाई सख्ती

गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने में लापरवाही बरतने पर नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने सख्त कार्रवाई की है। सेक्टर-14 और सेक्टर-17सी में समय पर पंपसेट तैनात नहीं करने के मामले में कनिष्ठ अभियंता (JE) सुमित चहल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पंपिंग मशीनरी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी द हजारी लाल को-ऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन सोसायटी लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नगर निगम के अनुसार, 28 जुलाई को हुई भारी बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी थी। बारिश से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पंपसेट तैनात रखने और त्वरित जलनिकासी सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सेक्टर-14 और सेक्टर-17सी में समय पर पंपसेट नहीं लगाए गए, जिससे लंबे समय तक पानी जमा रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत कनिष्ठ अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

इसके अलावा वार्ड-25 में मानसून सीजन के लिए अनुबंधित पंपिंग मशीनरी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नगर निगम का कहना है कि बार-बार मौखिक और टेलीफोनिक निर्देश दिए जाने के बावजूद चिन्हित जलभराव क्षेत्रों में आवश्यक मशीनरी तैनात नहीं की गई। इसका परिणाम यह रहा कि 28 जुलाई की बारिश के दौरान क्षेत्र में जलभराव बना रहा और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

नगर निगम ने एजेंसी को दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो एजेंसी का कार्य आदेश समाप्त करने, सुरक्षा राशि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि मानसून प्रबंधन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अधिकारी या एजेंसी, जो भी अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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