Gurugram-Haryana के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट में पहुंचाने पर मंथन, 5 साल में निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य

Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Haryana के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने और प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। होटल ग्रैंड हयात में मंगलवार को ‘Leverageing FTA – Outreach Program’ के तहत आयोजित इस कार्यशाला में अगले पांच वर्षों में Haryana का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया। Haryana के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया।

यह कार्यशाला Haryana सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) निदेशालय, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।

20 बिलियन डॉलर से अधिक रहा हरियाणा का निर्यात

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में कहा कि Haryana ने हाल ही में अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे किए हैं। इन छह दशकों में किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों के परिश्रम से प्रदेश कृषि और उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का मर्चेंडाइज निर्यात 20 बिलियन डॉलर से अधिक रहा है। देश के कुल निर्यात में Haryana छठे स्थान पर है। अब अगले पांच वर्षों में निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हर जिले के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि Haryana के अलग-अलग जिलों में ऐसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी संभावनाएं हैं। गुरुग्राम का ऑटोमोबाइल और IT सेक्टर, फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उत्पाद, पानीपत का होम टेक्सटाइल, करनाल का बासमती चावल, झज्जर का फुटवियर और अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण प्रदेश की औद्योगिक पहचान हैं।

हाल ही में अधिसूचित ‘Haryana प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, पहली बार निर्यात करने वालों और महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से MSME इकाइयों को अपनी सप्लाई चेन का हिस्सा बनाने और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करने की अपील की। उन्होंने टैरिफ रियायतों और रूल्स ऑफ ओरिजिन की जानकारी लेकर निर्यात की संभावनाओं का लाभ उठाने पर भी जोर दिया।

नई नीति में 70 प्रतिशत से अधिक सुझाव शामिल

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल कृषि के भरोसे पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए औद्योगिक विस्तार और निर्यात में वृद्धि बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक एवं MSME नीति को अंतिम रूप देने से पहले उद्योगपतियों और विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया था। इस प्रक्रिया में मिले 70 प्रतिशत से अधिक सुझावों को नीति में शामिल किया गया है। उन्होंने उद्यमियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने और नए निर्यातकों को मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।

FTA से यूरोप और अन्य बड़े बाजारों में खुलेंगे अवसर

भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने कहा कि ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से हरियाणा के निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इन समझौतों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ा सकते हैं।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित के. अग्रवाल ने बताया कि गुरुग्राम में आयोजित यह कार्यशाला एक शुरुआत है। जल्द ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में उत्पाद और सेक्टर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हर जिले के लिए अलग ‘निर्यात विकास योजना’ तैयार की जाएगी।

विशेषज्ञों ने दी निर्यात नीति और FTA की जानकारी

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में ITPO की ट्रेड एडवाइजर डॉ. तमन्ना चतुर्वेदी, DGFT के डिप्टी डायरेक्टर जनरल कम्बले प्रकाश सत्यवान, ट्रेड कनेक्ट पोर्टल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरधारी लाल, जॉइंट डायरेक्टर जनरल आनंद मोहन मिश्रा और हरियाणा MSME के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग (IAS) ने भाग लिया।Haryana

विशेषज्ञों ने मुक्त व्यापार समझौतों, गैर-टैरिफ उपायों और नई MSME नीति-2026 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, Gurugram के डिविजनल कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता, HSIIDC के एमडी विनय प्रताप सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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