चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): Haryana में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर विकास कार्यों और औद्योगिक नीतियों की जानकारी देते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 1 जून 2026 को मेक इन Haryana औद्योगिक नीति-2026 सहित 10 सेक्टोरल नीतियां लागू की गईं। इन नीतियों के माध्यम से प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
निवेश समझौतों से उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक नीतियों के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 123 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, मुंबई में आयोजित निवेश रोड शो के दौरान 66,821 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 17 समझौते किए गए।
सरकार का उद्देश्य इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। हालांकि, इन समझौतों की वास्तविक उपलब्धि उनके धरातल पर लागू होने और परियोजनाओं के शुरू होने पर निर्भर करेगी।
नई MSME नीति से छोटे उद्योगों को मिलेगा सहारा
Haryana सरकार ने MSME नीति-2026 भी लागू की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस नीति के तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और पांच लाख से अधिक नए रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश के निर्यात को दोगुना करने की योजना है।
इस नीति से Haryana में संचालित 14 लाख से अधिक छोटे उद्योगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय कारोबार, उत्पादन और रोजगार गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सितंबर 2025 से लागू केंद्रीय जीएसटी सुधारों से प्रदेश के लोगों को 2,652 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
हांसी बना हरियाणा का 23वां जिला
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हांसी को Haryana का 23वां जिला बनाया गया है। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यों और नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत कराई गई है।
Haryana सरकार ने 1,070 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी बाइपास और 170 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर बाइपास का निर्माण भी कराया है। बेहतर सड़क संपर्क से यातायात को सुगम बनाने के साथ उद्योगों और कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में 10 नए IMT स्थापित करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान प्रदेश में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने का संकल्प लिया गया था। इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है।
नई औद्योगिक नीतियों और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए हरियाणा को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।
पेयजल व्यवस्था पर खर्च किए 1,167 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए भी कई परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इसके तहत 102 करोड़ रुपये की लागत से 40 नहर आधारित और आठ नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए गए।
इसके अतिरिक्त 184 करोड़ रुपये की लागत से 537 नलकूप और 188 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किए गए। घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 1,167 करोड़ रुपये की लागत से 6,718 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाई गई हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य पेयजल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में लोगों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिले 3,919 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्रामीण विकास को गति देने के लिए पंचायतों और पंचायती राज संस्थाओं को भी आर्थिक सहायता दी गई है। विभिन्न योजनाओं और वित्त आयोगों के तहत विकास कार्यों के लिए 3,919 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
Haryana सरकार का कहना है कि पंचायतों को संसाधन उपलब्ध कराने से गांवों में बुनियादी सुविधाओं, स्थानीय विकास और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने की योजना
Haryana शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने प्रदेश के 71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने के लिए 1.67 लाख एकड़ भूमि की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास, आवासीय जरूरतों और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित सेक्टरों का विकास किस गति से आगे बढ़ता है, इसका असर भविष्य में शहरी विस्तार और आवासीय सुविधाओं पर पड़ेगा।
गुरुग्राम और पंचकूला में GST सुविधा केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि करदाताओं और कारोबारियों की सहायता के लिए गुरुग्राम में स्टार्टअप जीएसटी सुविधा प्रकोष्ठ और पंचकूला में एमएसएमई जीएसटी प्रकोष्ठ शुरू किए गए हैं।
इसके अलावा प्रदेश के 27 कर-जिलों, पांच रेंज कार्यालयों और मुख्यालय में सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य कारोबारियों को जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं और समस्याओं के समाधान में सहायता देना है।
लंबित मामलों के समाधान के लिए विवादों का समाधान योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडियों के दुकानदारों और बूथ आवंटियों के लंबित मामलों के निपटारे के लिए ‘विवादों का समाधान’ योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से पुराने विवादों का समाधान करने और संबंधित लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
Haryana सरकार ने औद्योगिक निवेश, रोजगार, सड़क, पेयजल, शहरी विकास और कारोबारी सुविधाओं को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। अब इन योजनाओं और निवेश समझौतों का वास्तविक असर उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, निवेश परियोजनाओं की शुरुआत और रोजगार सृजन के परिणामों से तय होगा।
