छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट, कई जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी

रायपुर, वायरल सच (ब्यूरो): छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 72 घंटों के दौरान व्यापक और भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सक्रिय विभिन्न मौसमीय तंत्रों के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में तेज बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण, मध्य प्रदेश से उत्तर महाराष्ट्र और पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय ऊपरी वायुमंडलीय ट्रफ, उत्तर ओडिशा के आसपास मौजूद चक्रवाती प्रणाली तथा पंजाब से बिहार तक फैली ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में पर्याप्त नमी पहुंच रही है। इन सभी मौसमीय गतिविधियों के चलते छत्तीसगढ़ में लगातार बादल छाए रहने और झमाझम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। वहीं अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।

लगातार बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में अगले पांच दिनों के भीतर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे बीते कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, पेंड्रा और अंबिकापुर में अगले कुछ दिनों तक घने बादल छाए रहने और लगातार वर्षा होने की संभावना है। वहीं बस्तर और जगदलपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जो आगामी दिनों में भी जारी रह सकती है।

गौरतलब है कि राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। मानसून के फिर से सक्रिय होने के बाद अब इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आने और मौसम सुहावना होने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। साथ ही वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से और पूरी सावधानी के साथ वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां बनी रहीं तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में अच्छी वर्षा दर्ज हो सकती है, जिससे कृषि कार्यों को भी गति मिलेगी और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। हालांकि लगातार भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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