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आयकर विभाग फर्जी कर कटौती छापेमारी में 200 ठिकानों पर कार्रवाई

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आयकर विभाग की छापेमारी - फर्जी कर कटौती मामले में कार्रवाई

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : भारत में आयकर विभाग ने एक बड़े टैक्स डिडक्शन घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए सोमवार को देशभर में 200 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन स्थानों पर कथित रूप से राजनीतिक चंदे, ट्यूशन फीस, चिकित्सा व्यय और अन्य मदों में फर्जी कर कटौती का दावा करने वाले करदाताओं और उनसे जुड़े बिचौलियों की भूमिका पाई गई।

किस प्रकार का फर्जीवाड़ा सामने आया?
आयकर विभाग को जांच के दौरान यह पता चला कि:

  • कुछ संस्थाएं और बिचौलिये करदाताओं को फर्जी चिकित्सा व्यय, ट्यूशन फीस और राजनीतिक चंदे के बिल मुहैया करा रहे थे।
  • इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयकर रिटर्न में धारा 80-GG और 80-GGGC के अंतर्गत फर्जी कर कटौती का दावा किया गया।
  • इन बिचौलियों ने प्रति रिटर्न 5 से 10% तक का कमीशन वसूला।

धारा 80-GGGC का दुरुपयोग
आयकर अधिनियम की धारा 80-GGGC के तहत किसी राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को दिया गया दान कर कटौती योग्य होता है। विभाग को कई फर्जी डोनेशन रसीदें मिलीं, जिन्हें जांच में नकली पाया गया।

यह देखा गया कि कुछ टैक्सपेयर्स ने इस धारा का उपयोग करके लाखों रुपये तक की अवैध कर कटौती का दावा किया।

किन क्षेत्रों में हुई छापेमारी?
सूत्रों के अनुसार, ये छापेमारी मुख्यतः उन क्षेत्रों में की गई जहां इस तरह के फर्जीवाड़े की बारंबार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं:

  • दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद जैसे मेट्रो शहर
  • लखनऊ, जयपुर, भोपाल, पटना, अहमदाबाद जैसे उच्च कर अनुपालन क्षेत्रों में भी कार्रवाई हुई
  • टैक्स कंसल्टेंट्स, बिचौलिए, कोचिंग संस्थान और कुछ एनजीओ भी जांच के दायरे में हैं

आयकर विभाग का आधिकारिक बयान
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

“हमें वर्षों से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ असली बिलों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर टैक्स रिटर्न दाखिल किए जा रहे हैं। इस छापेमारी का उद्देश्य कर प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और टैक्स चोरी को रोकना है।”

टैक्सपेयर्स को चेतावनी
आयकर विभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि:

  • फर्जी बिलों या रसीदों का उपयोग कर टैक्स बचाने की कोशिश गंभीर अपराध है।
  • यदि कोई टैक्सपेयर इस मामले में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ धारा 270A (गलत जानकारी देना) और धारा 276C (जानबूझकर कर चोरी) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
  • विभाग पहले ही कुछ मामलों में रिटर्न रद्द कर चुका है और जुर्माने के साथ आपराधिक मामला दर्ज किया जा रहा है।

आम करदाता क्या सीखें?

  • टैक्स बचत करने के लिए केवल वैध और प्रमाणित बिलों का उपयोग करें
  • किसी भी बिचौलिये द्वारा फर्जी डोनेशन रसीद या फीस स्लिप देने की पेशकश से दूर रहें
  • आयकर रिटर्न में ईमानदारी और सत्यता का पालन करें — यह लंबी अवधि में नुकसान से बचाएगा

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