उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार, नए नामों पर अटकलें तेज

नई दिल्ली,वायरल सच (ब्यूरो) : भारत की राजनीति में सोमवार को एक अप्रत्याशित मोड़ आया जब देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। गृह मंत्रालय ने संविधान के अनुच्छेद 67A के अंतर्गत इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी है।

इस घटनाक्रम ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत भी एक अनपेक्षित राजनीतिक झटके के साथ हुई।

राजनीति में संतुलन की मिसाल थे धनखड़

उपराष्ट्रपति के रूप में जगदीप धनखड़ ने संसद के उच्च सदन, राज्यसभा के सभापति के रूप में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाया। वे संविधान की गरिमा को बनाए रखते हुए विपक्ष और सरकार के बीच संतुलन बनाने में सफल रहे। उनके कार्यकाल में उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और मर्यादा को सर्वोपरि रखा।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताई सराहना, की शुभकामनाएं व्यक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा:

“जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य ने साफ कर दिया कि केंद्र सरकार उनके योगदान को बड़े सम्मान के साथ देखती है।

अटकलों का दौर शुरू: अगला उपराष्ट्रपति कौन?

धनखड़ के इस्तीफे के साथ ही अब देश के नए उपराष्ट्रपति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। विभिन्न दलों की नजर इस पद पर है, जो न केवल संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि संसद के दोनों सदनों के बीच तालमेल बनाने की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

संभावित नामों में कुछ वरिष्ठ राजनीतिक चेहरों, पूर्व राज्यपालों और अनुभवी सांसदों के नाम चर्चा में हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी इस पद को लेकर रणनीतिक विचार-विमर्श तेज हो गया है।

धनखड़ का अब तक का राजनीतिक सफर

  • राजस्थान से आने वाले धनखड़ मूल रूप से एक वकील रहे हैं।
  • उन्होंने लोकसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री, और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जैसे अहम पदों पर काम किया।
  • जुलाई 2022 में वे भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुने गए थे।
  • अपने दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने संसदीय मर्यादाओं की रक्षा के लिए कई बार मजबूत और स्पष्ट रुख अपनाया।

हमें फ़ॉलो करें

फेसबुक – https://www.facebook.com/viralsachnewz
यूट्यूब – https://www.youtube.com/@viralsachnewz
इंस्टाग्राम – https://www.instagram.com/viralsachnewz/
ट्विटर – https://x.com/viralsachnewz

अधिक जानकारी के लिए फ़ॉलो करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles