नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): PM नरेन्द्र मोदी ने सरकारी सेवा में शामिल होने वाले युवाओं से ‘नागरिक देवो भव’ को अपना मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है और सरकारी कर्मचारियों के व्यवहार, संवेदनशीलता, कार्यकुशलता तथा ईमानदारी से ही लोगों का सरकार के साथ अनुभव तय होता है।
PM ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले को संबोधित किया और विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में नियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह रोजगार मेला देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया।
‘नागरिक देवो भव’ को सेवा का आधार बनाने की अपील
PM ने नवनियुक्त युवाओं से कहा कि वे सरकारी सेवा को केवल नौकरी न समझें, बल्कि इसे देश और नागरिकों की सेवा का अवसर मानें। उन्होंने कहा कि किसी फाइल पर हस्ताक्षर करते समय या कोई निर्णय लेते समय नागरिकों की जरूरतों और युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का प्रत्येक व्यवहार और निर्णय नागरिकों के सरकार में भरोसे को मजबूत करने वाला होना चाहिए।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका
PM ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले युवा ऐसे समय सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं, जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपने हर निर्णय और प्रयास के माध्यम से विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
PM ने कहा कि भारतीय युवाओं के कौशल, प्रतिभा और नवाचार पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से नई तकनीक, बदलती व्यवस्थाओं और जरूरतों के अनुरूप लगातार सीखते रहने को कहा।
45 स्थानों पर आयोजित हुआ रोजगार मेला
20वें रोजगार मेले के तहत देशभर में 45 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। नवनियुक्त युवा राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय सहित विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में शामिल होंगे।
PIB के अनुसार, 20वें रोजगार मेले के साथ विभिन्न रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक करीब 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
युवाओं के लिए नए अवसरों का उल्लेख
PM ने हाल में हुए BRICS शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत चाहता है कि BRICS सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को भी इसका भागीदार बनाया जाए।
उन्होंने BRICS Connect और BRICS MSME सहयोग पोर्टल का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारतीय युवाओं के लिए नए बाजार और अवसर खुल रहे हैं।
स्टार्टअप और कौशल विकास पर जोर
PM ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में करीब आधे दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों से हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और प्रशिक्षुता कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने पर जोर दे रही है।
‘रोजगार देने वाला’ बनने के लिए युवाओं को प्रोत्साहन
PM ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य करीब दो करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल का हिस्सा बनने में मदद करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का जोर केवल रोजगार के अवसर पैदा करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने पर भी है।
7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि का भी उल्लेख
PM ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर्ज की है। PIB के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर्ज की गई थी।
उन्होंने कहा कि सुधारों की गति को और तेज किया जा रहा है तथा कर व्यवस्था, अनुपालन, कारोबार सुगमता, शिक्षा एवं कौशल और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सुधारों पर जोर दिया जा रहा है।
‘मिशन कर्मयोगी’ से जुड़े 1.70 करोड़ से अधिक कर्मचारी
PM ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के मंच से 1.70 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी जुड़ चुके हैं। उन्होंने ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये नए कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं।
मोदी ने नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों से कहा कि वे अपने काम के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को कम करने और सरकार के प्रति भरोसा मजबूत करने का प्रयास करें।

