गुरुग्राम की 96 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, अधिकारियों ने ली उन्मूलन की शपथ
गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): जिले को टीबी मुक्त बनाने और टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला टीबी फोरम एवं अंतरविभागीय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सीईओ जिला परिषद सुमित कुमार ने की।
टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा
बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने टीबी उन्मूलन की शपथ ली और गुरुग्राम को टीबी मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
सुमित कुमार ने कहा कि टीबी उन्मूलन की जिम्मेदारी केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है। इसके लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
9,634 टीबी मरीजों की अधिसूचना दर्ज
बैठक में बताया गया कि जनवरी से अगस्त 2026 के बीच गुरुग्राम जिले में कुल 9,634 टीबी मरीजों की अधिसूचना दर्ज की गई। यह निर्धारित 8,000 मरीजों के लक्ष्य का 120 प्रतिशत है।
इनमें सरकारी क्षेत्र से 2,723 मरीजों की अधिसूचना हुई, जबकि निजी क्षेत्र में 6,911 मरीज दर्ज किए गए।
टीबी मरीजों को गोद लेने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले में 6,480 मरीजों में से 3,626 मरीजों ने गोद लेने के लिए सहमति दी, जो 56 प्रतिशत है। इनमें से 958 मरीजों को गोद लिया जा चुका है, जो 26 प्रतिशत है।
वहीं, जिले में टीबी उपचार की सफलता दर 87 प्रतिशत दर्ज की गई।
96 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
जिले में 96 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें 71 ग्राम पंचायतों को कांस्य, 24 को रजत और एक ग्राम पंचायत को स्वर्ण श्रेणी प्राप्त हुई है।
सीईओ जिला परिषद सुमित कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
समय पर जांच और पूरा उपचार जरूरी
सुमित कुमार ने कहा कि लोगों को टीबी के लक्षण छिपाने के बजाय समय पर जांच करवानी चाहिए। बीमारी की शुरुआती पहचान और पूरा उपचार मरीज को स्वस्थ करने के साथ-साथ संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक में उप सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. रंजना मल्होत्रा, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. कृतिका, जिला पीपीएम समन्वयक पूनम, जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीषा, एलडीएम गुरुग्राम विनोद बजाज, केमिस्ट एसोसिएशन गुरुग्राम के प्रधान शरद मल्होत्रा, जिला परिषद के परियोजना अधिकारी आर्यन तथा जीएलआरए से डॉ. दिनेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

