चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा सरकार की ओर से मुंबई में आयोजित ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कैंपेन के दूसरे दिन प्रदेश में निवेश को लेकर विभिन्न कंपनियों ने 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी में अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
निवेशकों को हरियाणा में मिलती है नीति और गति की गारंटी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई दौरे के दौरान विभिन्न देशों के कन्सुलेट जनरल, उद्योग जगत की हस्तियों, निवेशकों और वित्तीय एवं कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में निवेशकों को केवल भूमि, प्रोत्साहन और मंजूरी ही नहीं मिलती, बल्कि सरकार स्केल, स्पीड, नीति की निश्चितता और साझा समृद्धि पर आधारित रणनीतिक साझेदारी उपलब्ध कराती है। सरकार का जोर फाइल मूवमेंट के बजाय प्रोजेक्ट मूवमेंट पर है।
ऑटोमोबाइल से लेकर आईटी तक मजबूत औद्योगिक आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, विनिर्माण, स्टार्टअप और कौशल विकास ने देश की आर्थिक बुनियाद को मजबूत किया है। भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि देश के कुल क्षेत्रफल में लगभग 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला हरियाणा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में करीब 3.6 प्रतिशत योगदान देता है।
हरियाणा अब ऑटोमोबाइल, कृषि-उद्योग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, आईटी सेवाओं और कॉरपोरेट गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। गुरुग्राम वैश्विक सेवा एवं प्रौद्योगिकी हब, फरीदाबाद इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण केंद्र और मानेसर ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-कंपोनेंट क्लस्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
इसके अलावा पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, करनाल और सोनीपत सहित कई जिले अपनी औद्योगिक एवं कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के जरिए प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
पहले ही 1.10 लाख करोड़ के एमओयू
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में गुरुग्राम में आयोजित इंडस्ट्री पॉलिसी लॉन्च कार्यक्रम में ही 1.10 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें एमओयू करने वाली 123 कंपनियों में से 108 को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में एमओयू केवल साइनिंग सेरेमनी नहीं, बल्कि निवेश के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
निवेशकों को 5 गारंटियां
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के लिए सरकार की 5 प्रमुख गारंटियों का उल्लेख किया। इनमें शामिल हैं:
- नीति की स्थिरता
- समयबद्ध निर्णय और स्वीकृतियां
- परियोजनाओं की सक्रिय हैंड-होल्डिंग
- उद्योग की जरूरत के अनुसार कौशल और कनेक्टिविटी
- निवेश के साथ स्थानीय रोजगार, एमएसएमई, नवाचार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से हरियाणा में महत्वाकांक्षी परियोजनाएं स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को पारदर्शी प्रक्रिया, तेज निर्णय और जवाबदेह शासन के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

