नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो):
सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने पदभार संभालने के बाद पहली बार 07 से 09 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में स्थित नॉर्दर्न कमांड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात जवानों से मुलाकात कर ऑपरेशनल तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा की।
श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स मुख्यालय में सेना प्रमुख को घाटी की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशनल तैयारियों और आतंकवाद विरोधी अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर सुरक्षा, स्थिरता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की।
जनरल धीरज सेठ ने कुपवाड़ा, उरी और मानसबल का दौरा कर सुरक्षा हालात, निगरानी व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी ग्रिड और परिचालन तैयारियों का आकलन किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में तैनात जवानों के साहस, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना की। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी तकनीक आधारित सैन्य नवाचारों की प्रदर्शनी भी देखी और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने पर बल दिया।
इसके बाद सेना प्रमुख ने व्हाइट नाइट कॉर्प्स तथा पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया। यहां उन्होंने एलओसी पर सुरक्षा चुनौतियों, काउंटर-टेरर ग्रिड, बुनियादी ढांचे के विकास और इंटीग्रेटेड कॉम्बैट रेडीनेस की समीक्षा की। उन्होंने सीमावर्ती गांवों में सेना द्वारा चलाए जा रहे जन-केंद्रित विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों की भी सराहना की।
सेनाध्यक्ष ने भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सभी जवानों की परिचालन दक्षता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने 14वीं कोर (लेह), 15वीं कोर (श्रीनगर) और 16वीं कोर (नगरोटा) के जवानों से भी मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।