जालंधर में पीएम मोदी की रैली से भाजपा करेगी पंजाब चुनाव अभियान का आगाज, संगठन विस्तार पर पूरा फोकस
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई है। पार्टी इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जालंधर रैली के साथ राज्य में अपने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज करने की तैयारी कर रही है। इसे भाजपा के चुनावी शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा ने पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक मजबूती के अनुभव को आधार बनाते हुए अब पंजाब में भी बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक व्यापक विस्तार की रणनीति तैयार की है। पार्टी गांव-गांव तक अपनी पहुंच बढ़ाने, नए नेताओं को जोड़ने तथा युवा, किसान, अनुसूचित जाति और शहरी मतदाताओं के बीच आधार मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
भाजपा के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर है। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले संकेत दे चुके हैं कि भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन राजनीतिक सूत्रों के अनुसार दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अभी भी जारी है। भाजपा इस बार गठबंधन की स्थिति में भी अधिक प्रभावशाली भूमिका चाहती है।
पंजाब की राजनीति पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है। पहले भाजपा-अकाली गठबंधन का लंबे समय तक प्रभाव रहा, फिर कांग्रेस सत्ता में आई और उसके बाद आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाई। अब भाजपा स्वयं को राज्य में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव में पंजाब में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है, जिसमें भाजपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतरेंगे।
अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जालंधर रैली पर टिकी हैं, जिसे भाजपा के पंजाब चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले विधानसभा चुनाव यह तय करेंगे कि क्या भाजपा अपने संगठन विस्तार और नई रणनीति के दम पर पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव ला पाएगी।