पेरिस, वायरल सच (ब्यूरो): भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की खेल समिति का 20 से अधिक सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल फ्रांस के पेरिस और मार्सेय के दौरे पर पहुंचा है। इस दौरे का उद्देश्य खेल कारोबार, खेल प्रशासन, खेल अवसंरचना और ओलंपिक विरासत से जुड़े सफल मॉडलों का अध्ययन कर भारत में खेलों के विकास के लिए उपयोगी अनुभव जुटाना है। इस प्रतिनिधिमंडल का आयोजन बिजनेस फ्रांस के सहयोग से किया गया।
फिक्की की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने मार्सेय के ऐतिहासिक वेलोड्रोम फुटबॉल स्टेडियम का दौरा किया। यहां खेल अवसंरचना के प्रभावी उपयोग, दीर्घकालिक संचालन और बहुउद्देश्यीय उपयोग के मॉडल का अध्ययन किया गया। वर्ष 1937 में स्थापित इस स्टेडियम का उपयोग फुटबॉल मुकाबलों के अलावा संगीत कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी किया जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने दर्शकों को बेहतर अनुभव देने के लिए अपनाई गई डिजिटल सुविधाओं का भी अवलोकन किया।
मार्सेय स्थित भारत के महावाणिज्य दूत ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए वर्ष 2030 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों की तैयारियों से जुड़े स्थानीय उद्योगों और संस्थाओं की जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने पेरिस ओलंपिक 2024 की नौकायन प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल और मार्सेय के प्रसिद्ध तैराकी केंद्र का भी दौरा किया। यहां विशेषज्ञों ने बताया कि ओलंपिक के लिए विकसित खेल सुविधाओं का प्रतियोगिताओं के बाद भी व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग किस प्रकार प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
पेरिस में प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर आयोजित सम्मेलन में भी भाग लिया। बिजनेस फ्रांस की वरिष्ठ अधिकारी सिंथिया रेगुल्स्की ने कहा कि फ्रांस के लिए यह गर्व की बात है कि वह पेरिस ओलंपिक 2024 से प्राप्त अनुभव और विरासत को अन्य देशों के साथ साझा कर रहा है।
सम्मेलन में भारत के लिए उपलब्ध अवसरों पर आयोजित विशेष सत्र की अध्यक्षता फिक्की खेल समिति के सह-अध्यक्ष एवं अदाणी स्पोर्ट्स लाइन के मुख्य व्यवसाय अधिकारी संजय अडेसरा ने की। उन्होंने कहा कि भारत खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का लक्ष्य रखता है। ऐसे में फ्रांस के अनुभव भारत के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।
स्पोर्ट्स इंटरएक्टिव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ रमन ने कहा कि पेरिस ओलंपिक ने यह साबित किया कि किसी शहर की संस्कृति, विरासत और खेलों को एक साथ जोड़कर विश्वस्तरीय आयोजन कैसे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन वर्षों तक लोगों की स्मृतियों में बने रहते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी सफलता होती है।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेरिस नगर निगम, स्टेड द फ्रांस, राष्ट्रीय खेल संस्थान (आईएनएसईपी) और खेल उद्योग से जुड़े कई संगठनों के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श किया।
फिक्की खेल समिति ने इस अध्ययन के आधार पर ‘फ्रांस की ओलंपिक विरासत : भारत के लिए प्रमुख सीख’ विषय पर एक श्वेत पत्र तैयार करने का निर्णय लिया है। इसे सरकार और खेल उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि भारत में खेल अवसंरचना, खेल प्रबंधन और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
इसके साथ ही फिक्की ने घोषणा की कि नवंबर 2026 में आयोजित होने वाले अपने वार्षिक खेल सम्मेलन के दौरान बिजनेस फ्रांस के सहयोग से फ्रांस के खेल प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा।