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गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 8 आरोपित गिरफ्तार

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अहमदाबाद, वायरल सच (ब्यूरो):  गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने बहु-राज्यीय संयुक्त अभियान चलाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने में जुटा था।

ATS की पांच विशेष टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, नवसारी और पाटन जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के देवास में स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक साथ कार्रवाई की। सभी गिरफ्तार आरोपितों को पूछताछ के लिए ATS मुख्यालय लाया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपित कथित रूप से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर के भाषणों और प्रचार सामग्री से प्रभावित थे। उन पर संगठन के लिए लॉजिस्टिक नेटवर्क तैयार करने, प्रचार-प्रसार करने और भविष्य में संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने का आरोप है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल के सदस्य अलग-अलग शहरों में रहकर काम कर रहे थे और कथित तौर पर अंतिम निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे थे। एजेंसियों का दावा है कि उन्हें पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से करीब तीन लाख रुपये मिले थे, जिनसे एक पुरानी कार खरीदी गई। पहचान छिपाने के उद्देश्य से वाहन का स्वामित्व अपने नाम पर स्थानांतरित नहीं कराया गया।

जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क के कुछ सदस्य विभिन्न मदरसों में रह रहे थे। ATS ने इस दौरान पाकिस्तान में प्रकाशित मसूद अज़हर की किताबें तथा संगठन में शामिल होने के लिए लिखे गए कथित पत्र भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की फोरेंसिक और डिजिटल जांच की जा रही है।

ATS के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर के संपर्क में था। सभी आठ आरोपितों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य बरामद सामग्री के आधार पर मामले की जांच जारी है तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई की जा सकती है।

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