हिसार, वायरल सच (ब्यूरो) : हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित सेवानिवृत कर्मचारी संगठन की बैठक क्रांतिमान पार्क में महेंद्र सिंह स्याहड़वा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड्स पर रोष प्रकट किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी परिसंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन एमएल सहगल ने लेबर कोड्स को लागू करने को मजदूर वर्ग पर बड़ा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उक्त कदम पूंजीपतियों और कारपोरेट सेक्टर को मजदूरों को गुलाम बनाने का रास्ता साफ किया गया और 100 साल में हासिल अधिकारों को पलटा गया है।
देश का मजदूर और कर्मचारी आंदोलन इस हमले का माकूल जवाब देगा तथा इसे वापस करवाने के लिए निर्णायक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह लेबर कोड्स मजदूरों के सभी अधिकार और हक ध्वस्त करने वाले हैं। एमएल सहगल ने साेमवार काे कहा कि फिक्स टर्म नौकरी का अर्थ है कि पक्की या स्थाई नौकरी का खात्मा, अब सरकार ने कच्ची/ठेके की नौकरी का स्थाई प्रबंध कर दिया है। उन्होंने बताया कि 20 मजदूरों तक के संस्थानों को श्रम कानूनों को लागू करने से बाहर के दिया है। इसी प्रकार 300 मजदूरों तक के संस्थानों को बिना सरकार की अनुमति के कभी भी बंद किया जा सकता है और मजदूरों की छंटनी की जा सकती है।
काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान किया गया है। यूनियन बनाने और हड़ताल करने के अधिकार पर इन लेबर कोड्स में अघोषित प्रतिबंध लगाया गया है। जिला स्तर पर श्रम न्यायालयों को खत्म किया गया है और वेरिफिकेशन का अधिकार लेबर विभाग से छीन लिया गया है। न्यूनतम वेतन के निर्धारण के पुराने कानूनी प्रावधानों को कमजोर करते हुए फ्लोर न्यूनतम वेतन की अवधारणा को पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म करके 2020 में चार लेबर कोड्स पारित किए थे। बैठक में उदयवीर दूहन, राजपाल नैन, राजबीर सिंधु, रघुबीर सिंह हांसी, नरेश गोयल, धर्मवीर सिंह, बलवान सिंह, ओमप्रकाश थानेदार, मोहिंद्र सिंह, राजा पाबड़ा व शमशेर डाबड़ा आदि भी मौजूद रहे।
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