यूपी प्राथमिक स्कूलों के बंद होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से मना किया

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों को बंद करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने को कहा।

सुनवाई के दौरान संजय सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्ब्ल ने कहा कि यूपी सरकार की ओर से स्कूलों के मर्जर की प्रक्रिया से करीब 27 हजार परिषदीय स्कूल प्रभावित होंगे। सिब्बल ने कहा कि यूपी सरकार का फैसला शिक्षा के अधिकार कानून का खुला उल्लंघन है। इसकी वजह से करीब एक लाख 35 हजार सहायक शिक्षकों और करीब 27 हजार प्रधानाध्यापक के पद समाप्त हो जाएंगे। इससे शिक्षामित्रों और रसोइयों की नौकरियां भी खतरे में पड़ जाएंगी।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस मसले पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय सुनवाई कर रहा है। ऐसे में ये मसला उच्च न्यायालय में उठाया जाना चाहिए। तब सिब्बल ने कहा कि उच्च न्यायालय को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं कि मामले का निपटारा जल्द हो। तब न्यायालय ने कहा कि हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है, इसलिए उच्च न्यायालय इस मामले पर प्राथमिकता के साथ सुनवाई करे।

याचिका में यूपी सरकार के 16 जून के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें कम संख्या वाले 100 से ज्यादा प्राइमरी स्कूलों को दूसरे स्कूलों में विलय करने को कहा गया है। याचिका में कहा गया था कि अगर यूपी सरकार के इस आदेश पर रोक नहीं लगी, तो 105 प्राथमिक स्कूल बंद हो जाएंगे। इसकी वजह से हजारों बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे और उन्हें दूर के स्कूलों में पढ़ने के लिए जाना पड़ेगा।

हमें फ़ॉलो करें

फेसबुक – https://www.facebook.com/viralsachnewz
यूट्यूब – https://www.youtube.com/@viralsachnewz
इंस्टाग्राम – https://www.instagram.com/viralsachnewz/
ट्विटर – https://x.com/viralsachnewz

अधिक जानकारी के लिए फ़ॉलो करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles