Home Gurugram Gurugram News: लैंड स्कैम में TDI ग्रुप पर ED की रेड: ₹8...

Gurugram News: लैंड स्कैम में TDI ग्रुप पर ED की रेड: ₹8 करोड़ की लग्जरी गाड़ियां जब्त, 33 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त जांच के घेरे में

0
ED

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): गुरुग्राम-मानेसर लैंड स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने TDI ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। ED की चंडीगढ़ जोन-I टीम ने TDI ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा और ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े दिल्ली और मोहाली स्थित कारोबारी एवं आवासीय परिसरों पर तलाशी ली।

ED के मुताबिक, यह कार्रवाई 2015 में दर्ज CBI FIR के आधार पर PMLA के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। जांच में TDI ग्रुप से जुड़े लेनदेन और अतुल बंसल के ABWIL ग्रुप से संबंधित जमीन सौदों की पड़ताल की जा रही है।

लग्जरी गाड़ियां, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त

ED के अनुसार, तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रिकॉर्ड, फाइलें, डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर जब्त किए गए। इसके अलावा कई लग्जरी वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिन्हें एजेंसी ने कथित तौर पर Proceeds of Crime से जुड़ी संपत्ति के रूप में चिन्हित किया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जब्त वाहनों में Range Rover, Mercedes-Benz और Lexus जैसे लग्जरी ब्रांड की गाड़ियां शामिल हैं। कुल कीमत करीब ₹8 करोड़ बताई जा रही है।

400 एकड़ से ज्यादा जमीन की जांच

ED की जांच के मुताबिक, मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में 400 एकड़ से ज्यादा सरकारी अधिसूचित जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दायरे में थी।

एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2005 से 2007 के दौरान अधिग्रहण की आशंका के बीच निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से जमीन खरीदी। बाद में अधिग्रहण प्रक्रिया खत्म होने के बाद इन जमीनों के मूल्य में बड़ा अंतर आया।

तीन कंपनियों के जरिए करीब 33 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप

ED की जांच में तीन कंपनियों का नाम सामने आया है:

  • Indo Asian Construction Co. Pvt. Ltd.
  • NCR Properties Pvt. Ltd.
  • Divya Jyoti Enterprises Pvt. Ltd.

एजेंसी के अनुसार, TDI ग्रुप से जुड़ी इन कंपनियों ने वर्ष 2005 से 2007 के बीच किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी और बाद में इसे अतुल बंसल ग्रुप/ABWIL से जुड़े पक्षों को ऊंची कीमत पर बेचा गया।

ED इस पूरी खरीद-फरोख्त, लेनदेन और उससे जुड़े कथित मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

2015 में CBI ने दर्ज किया था मामला

यह मामला नया नहीं है। 2015 में CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

ताजा कार्रवाई में एजेंसी का फोकस TDI ग्रुप से जुड़े जमीन सौदों, कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन और उनसे संबंधित दस्तावेजों पर है।

तीन दिन से ज्यादा चली तलाशी

रिपोर्टों के मुताबिक, TDI से जुड़े परिसरों पर ED की कार्रवाई कई दिनों तक चली। इस दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की।

Hindustan Times के अनुसार, तलाशी में प्रोजेक्ट रिकॉर्ड, फाइलें, डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर के साथ लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।

ED अब खंगाल रही वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल

तलाशी में मिले दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की जांच के बाद ED जमीन सौदों से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और मनी ट्रेल को खंगाल रही है।

एजेंसी की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में किन कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका रही, रकम का भुगतान किस तरीके से हुआ और बाद में धन का इस्तेमाल या हस्तांतरण किन माध्यमों से किया गया।

TDI ग्रुप की मुश्किलें बढ़ने के संकेत

ताजा ED कार्रवाई से TDI ग्रुप से जुड़े जमीन सौदों की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि, ED की जांच में सामने आए आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं और इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।

एजेंसी द्वारा जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की आगे की जांच के आधार पर मामले में अन्य लोगों या कंपनियों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version