इंदौर, वायरल सच (ब्यूरो) : इंदौर की सोनम रघुवंशी हत्या केस इन दिनों चर्चा में है। अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के इस सनसनीखेज मामले के पीछे छुपी है एक और चौंकाने वाली कहानी चार महीनों में तेजी से हुई कमाई, हवाला नेटवर्क से जुड़ा घना जाल और लालच की वो दौड़, जिसने उसकी जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया।
प्लाईवुड फैमिली बिजनेस से शुरुआत, HR की अहम भूमिका
सोनम का परिवार प्लाईवुड कारोबार से जुड़ा है और वह खुद को कंपनी में HR हेड बताती थी। HR की भूमिका से कहीं आगे बढ़कर वह कंपनी के रोज़मर्रा के निर्णयों में दखल देती थी और फैक्ट्री संचालन में भी सक्रिय थी। परिवार के बिजनेस मॉडल में उसकी अहम भूमिका उसे जल्दी ही एक पावरफुल प्लेयर बना चुकी थी।
राज कुशवाहा से रिश्ता और हवाला कारोबार में एंट्री
इसी फैक्ट्री में काम करने वाले राज कुशवाहा से उसकी नजदीकियां बढ़ीं। राज, सोनम से उम्र में पांच साल छोटा था, लेकिन हवाला नेटवर्क से जुड़े संपर्कों के ज़रिए उसने सोनम के लिए पैसों की एक नई दुनिया खोल दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ 8 महीनों में सोनम को हवाला से लाखों रुपये की नकद कमाई हुई, जिसे वो अपने मौसेरे भाई जितेंद्र के खातों से छिपाकर संचालित करती रही।
राजा से शादी: एक आर्थिक अवसर
फरवरी 2024 में सोनम की सगाई ट्रैवल व्यवसायी राजा रघुवंशी से तय हुई। यह रिश्ता सिर्फ प्रेम नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ की एक और सीढ़ी था। राजा की आर्थिक स्थिति मज़बूत थी, और सोनम के लिए यह एक सुनहरा अवसर। लेकिन राज को पीछे छोड़ना उसके इरादों में नहीं था, इसलिए उन्होंने एक खौफनाक योजना बनाई राजा को रास्ते से हटाने की।
हनीमून बना हत्या की साजिश का मंच
11 मई को शादी के बाद सोनम और राजा हनीमून पर निकले। गुवाहाटी और फिर शिलॉन्ग पहुंचने के बाद, 23 मई को सोनम ने तीन शूटरों की मदद से राजा की हत्या करवा दी। योजना के तहत, सोनम ने राजा को भारी ज्वेलरी पहनाई, ताकि हत्या को लूट का रूप दिया जा सके। राजा को खाई में फेंककर हत्या की गई।
चार महीने की कमाई: लाखों में लेकिन कीमत बहुत भारी
इन चार महीनों में सोनम रघुवंशी ने हवाला और फैमिली बिजनेस से करीब 40 से 50 लाख रुपये की अवैध कमाई की, मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार। लेकिन इस लालच की कीमत राजा की जान, अपनी गिरफ्तारी और अपने पूरे परिवार की बदनामी के रूप में चुकानी पड़ी।
अपराध की जड़: लालच और दोहरी जिंदगी
यह कहानी सिर्फ एक प्रेम त्रिकोण या हत्या की नहीं है – यह एक ऐसी महिला की दास्तां है, जो सामाजिक पहचान, आर्थिक ताकत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को पाने की होड़ में अपने ही कदमों की जाल में फंसती चली गई।
सोनम रघुवंशी की यह चार महीने की दौड़ हमें ये बताती है कि जब लालच, पैसा और अपराध एक साथ जुड़ते हैं, तो जीवन की दिशा पल भर में बर्बादी की ओर मुड़ जाती है।
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