नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के प्रदर्शन, चीन के साथ सीमा विवाद और कारोबारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोकना चाहती है, जबकि विपक्ष का काम देश के लोगों को अपनी बात कहने का अवसर देना है।
दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन राहुल गांधी ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस उन्हें ‘सोने नहीं देगी’।
छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लोगों को बोलने से रोक रही है।
उन्होंने उत्तराखंड में चार साल पहले दुष्कर्म के बाद हत्या की गई एक महिला की बेटी का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित महिला अपनी बात रखना चाहती थी, लेकिन उसे भी व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार ‘ऑर्डर’ चाहती है, जबकि कांग्रेस लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार दिलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ऐसी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना और देश के लोगों को अपनी बात कहने का अवसर दिलाना है।
अमित शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कभी ‘चाणक्य’ और कई अन्य नामों से जाना जाता था, लेकिन वह 20 दिनों तक संसद में नहीं आए। उन्होंने कहा कि अब सरकार को समझ आ गया है कि देश खुद को अभिव्यक्त करने से नहीं रोकेगा।
राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान अपने राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने और अडानी से पैसा लेने पर है। उन्होंने कहा कि देश के छोटे कारोबारियों और आम लोगों की समस्याओं पर सरकार का पर्याप्त ध्यान नहीं है।
चीन के मुद्दे पर सरकार से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने भारत को अपनी ही जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोका, लेकिन सरकार ने इस खबर को दबाने की कोशिश की। उन्होंने गलवान संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की एक इंच जमीन भी किसी के कब्जे में नहीं है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि जब इस मुद्दे पर भारतीय सेना ने चीन से बातचीत की तो चीन की ओर से प्रधानमंत्री के बयान का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को देश को इस मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नियमित रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान देश की समस्याओं को हल करने के बजाय अपने राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने पर है। राहुल गांधी ने अपने एक पुराने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने के दौरान वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर उन्हें वहां से हटाने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ लोग भी उनसे कहते हैं कि जो हो रहा है, वह सही नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी नौकरी और परिवार की चिंता है।
देश में राष्ट्रीय भावना जरूरी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि देश में ‘राष्ट्रीय भावना’ होनी चाहिए और लोगों को किसी भी ताकत को अपनी बात थोपने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को अपनी बात कहने और अपनी समस्याएं सामने रखने का अधिकार है।
उल्लेखनीय है कि रचनात्मक कांग्रेस का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त से दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित किया गया। दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी कार्यक्रम में शामिल हुए तथा लोगों के साथ संवाद किया। अधिवेशन में शिक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, बेरोजगारी और अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

