वायरल सच (ब्यूरो): जयपुर के राडो घड़ी शोरूम से करीब 5 करोड़ रुपये की 251 महंगी घड़ियां चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को Police ने बिहार के मोतिहारी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय प्रसाद उर्फ अजय जायसवाल (41) और दिनेश पासवान (46) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद छह दिन के Police रिमांड पर लिया गया है। Police अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और चोरी की घड़ियों की बरामदगी में जुटी है।
1 अक्टूबर को शोरूम का शटर तोड़कर की थी चोरी
जयपुर के टोंक रोड पर ग्लास फैक्ट्री के पास स्थित राडो घड़ी शोरूम में एक अक्टूबर को चोरी की वारदात हुई थी। आरोपियों ने शोरूम का शटर तोड़कर 251 महंगी घड़ियां चोरी कर ली थीं। चोरी गए सामान की कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बजाज नगर थाना Police, सीएसटी और डीएसटी की संयुक्त टीमों ने जांच शुरू की।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा के अनुसार, आरोपियों तक पहुंचने के लिए Police की विशेष टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान घटनास्थल से लेकर संभावित रास्तों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के 800 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इन फुटेज की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया गया।
दिल्ली-गाजियाबाद से बिहार तक चला तलाशी अभियान
जांच के दौरान Police को दिल्ली और गाजियाबाद से अहम सुराग मिले। इसके बाद टीम बिहार के मोतिहारी और घोड़ासन तक पहुंची, जहां आरोपियों की पहचान की गई। कार्रवाई के दौरान जयपुर, कोटपुतली, गुरुग्राम, दिल्ली, गाजियाबाद, मोतिहारी, बीरगंज और रक्सौल सीमा क्षेत्र में 50 से अधिक स्थानों पर दबिश दी गई। लगातार जांच और तलाशी अभियान के बाद Police ने अजय प्रसाद और दिनेश पासवान को गिरफ्तार कर लिया।
महंगे शोरूम को निशाना बनाता था गिरोह
जांच के अनुसार, यह गिरोह देश के प्रमुख शहरों में महंगी घड़ियों, मोबाइल फोन और आभूषणों के शोरूम पहले चिन्हित करता था। वारदात के लिए आरोपी अलसुबह दुकान के सामने पर्दा या चादर लगाकर शटर तोड़ते थे। इसके बाद कुछ ही मिनटों में कीमती सामान चोरी करके फरार हो जाते थे। Police को आशंका है कि गिरोह ने इसी तरीके से कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।
गिरोह में सुबोध उर्फ विकास डूम, सुरेन्द्र प्रसाद उर्फ बैला, अरुण शाह, श्याम बाबू उर्फ गुल्लीशाह, राजा मलाहा, साहनी और राजकुमार मलाहा सहित अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। Police इन संदिग्धों की भूमिका और गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।
कई राज्यों में मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा
पूछताछ में राजस्थान के कोटा के गुमानपुरा, मध्य प्रदेश के उज्जैन और रतलाम, गुजरात के वडोदरा, केरल के कोल्लम, दिल्ली के पहाड़गंज और शाहदरा, पश्चिम बंगाल के आसनसोल और जलपाईगुड़ी, त्रिपुरा तथा झारखंड के धनबाद समेत कई क्षेत्रों में मोबाइल शोरूमों में चोरी की वारदातों की जानकारी सामने आई है।
जांच के अनुसार, उज्जैन से 31, रतलाम से 98, वडोदरा से 73 और धनबाद से 173 मोबाइल फोन चोरी किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। दिल्ली के सुल्तानपुरी सब्जी बाजार क्षेत्र से 58 मोबाइल फोन चोरी होने का मामला भी जांच के दायरे में है। Police इन वारदातों में गिरफ्तार आरोपियों की संलिप्तता और चोरी के सामान की बरामदगी के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
भागने के प्रयास में आरोपी के पैर में फ्रैक्चर
गिरफ्तारी के बाद अजय प्रसाद को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने दीवार से कूदकर भागने का प्रयास किया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए जयपुरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छह दिन के रिमांड पर पूछताछ जारी
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद छह दिन के Police रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी की गई घड़ियों को छिपाने और उन्हें ठिकाने लगाने के संभावित तरीकों की जानकारी जुटाई जा रही है। Police को उम्मीद है कि आगे की जांच में अन्य राज्यों में हुई चोरी की वारदातों और गिरोह के पूरे नेटवर्क से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल, 251 घड़ियों की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जांच की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
