गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें Asian Para Games 2026 का शनिवार को भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते। भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह भारत का इन खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है।
समापन समारोह में दोहरे स्वर्ण पदक विजेता निशाद कुमार और मोना अग्रवाल ने भारतीय दल के ध्वजवाहक की जिम्मेदारी संभाली। नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित समारोह में खेल, संस्कृति और समावेशिता का अनूठा संगम देखने को मिला। सात दिनों तक चली प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।
114 पदकों के साथ भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारत ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक हासिल किए। इनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
भारत के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इस बार देश ने पिछले संस्करण की तुलना में छोटे दल के साथ हिस्सा लिया। आइची-नागोया खेलों में भारत के 168 पैरा खिलाड़ियों ने चुनौती पेश की, जबकि 2022 में हांगझोऊ में आयोजित पिछले संस्करण में 309 भारतीय खिलाड़ी शामिल हुए थे।
छोटे दल के बावजूद पदकों की संख्या में शानदार प्रदर्शन ने भारतीय पैरा खेलों की उपलब्धियों को एक नई पहचान दी। खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
निशाद कुमार और मोना अग्रवाल बने ध्वजवाहक
Asian Para Games में निशाद कुमार और मोना अग्रवाल भारतीय दल के ध्वजवाहक रहे। दोनों खिलाड़ियों को दोहरे स्वर्ण पदक विजेता के रूप में प्रस्तुत किया गया। उनकी अगुवाई में भारतीय दल ने समारोह में हिस्सा लिया।
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित समारोह में पारंपरिक जापानी कला और आधुनिक तकनीक से सजी प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय संगीतकारों और व्हीलचेयर नर्तकों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
समारोह की मुख्य थीम ‘इमैजिन वन हार्ट’, यानी ‘एक दिल की कल्पना’, रही। इसका संदेश था कि खेल शारीरिक अक्षमताओं से परे लोगों और देशों को एकजुट करने की ताकत रखते हैं। विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने भी समारोह में हिस्सा लेकर प्रतियोगिता की यादें साझा कीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खिलाड़ियों को दी बधाई
भारत के प्रदर्शन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास का परिणाम है।
भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने पैरा खेलों के महत्व को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया।
चीन पदक तालिका में शीर्ष पर, जापान दूसरे स्थान पर
Asian Para Games के पांचवें की पदक तालिका में चीन ने पहला स्थान हासिल किया। मेजबान जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने चौथे स्थान के साथ प्रतियोगिता समाप्त की।
- चीन: 207 स्वर्ण सहित कुल 435 पदक
- जापान: 64 स्वर्ण, 60 रजत और 62 कांस्य सहित कुल 186 पदक
- उज्बेकिस्तान: 45 स्वर्ण सहित कुल 145 पदक
- भारत: 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक
Asian Para Games के पांचवें संस्करण में 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग चार हजार खिलाड़ी एवं अधिकारी शामिल हुए। सात दिनों तक चली प्रतियोगिता में 18 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इस दौरान 20 से अधिक विश्व रिकॉर्ड बनने की जानकारी भी सामने आई।
दोहा में 2030 में होंगे अगले एशियाई पैरा खेल
समापन समारोह में Asian Para Games समिति के अध्यक्ष माजिद राशिद ने खेलों के समापन की घोषणा की। समारोह में समाज में समावेशिता, समान अवसर और पैरा खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में Asian Para Games का ध्वज अगले मेजबान कतर के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। वर्ष 2030 में कतर की राजधानी दोहा में अगले एशियाई पैरा खेल आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही खेलों की मशाल बुझाकर आइची-नागोया प्रतियोगिता को विदाई दी गई।
भारत का 114 पदकों का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीदें बढ़ाईं।
