नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। PM नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ साझेदारी में सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए आमंत्रित किया है। दोनों देशों के बीच यह सहमति गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में PM मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बनी।
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस वक्तव्य दिया। PM मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान नई गति आई है और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में साझेदारी पर जोर
PM मोदी ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा को दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख रणनीतिक क्षेत्र बताया। उन्होंने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ मिलकर तकनीक के विकास और उत्पादन में भागीदारी करने का निमंत्रण दिया।
सह-विकास और सह-उत्पादन पर जोर का उद्देश्य दोनों देशों की कंपनियों और संस्थानों के बीच साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है। हालांकि, विशिष्ट परियोजनाओं, निवेश या उत्पादन लक्ष्यों का विवरण संबंधित आधिकारिक घोषणाओं से ही स्पष्ट होगा।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते से खुलेंगे नए अवसर
PM मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते ने आर्थिक सहयोग के नए अवसरों को व्यापक बनाया है। इससे भारत और पोलैंड के बीच व्यापार तथा निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
PM मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करते हुए वर्ष 2024 की अपनी पोलैंड यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। पिछले दो वर्षों में इसी आधार पर द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिली है।
ऐतिहासिक संबंधों की साझा विरासत का उल्लेख
PM मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध केवल कूटनीतिक संपर्कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच मानवता और संवेदना की साझा विरासत भी है।
उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों द्वारा पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिए जाने की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया। इस मानवीय संबंध को दोनों देशों की मित्रता का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
PM मोदी ने सांस्कृतिक और जनस्तरीय संपर्कों को भारत-पोलैंड संबंधों की प्रमुख ताकत बताया।
शिक्षा और संस्कृति में भी सहयोग
PM ने पोलैंड में संस्कृत अध्ययन और भारतविद्या की समृद्ध परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने क्राकोव शहर में भारतीय अध्ययन पीठ की स्थापना को दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने का प्रयास बताया।
भारत और पोलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन में विश्वास रखते हैं। PM मोदी ने कहा कि दोनों देश वैश्विक शासन संस्थाओं को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए उनमें सुधार की आवश्यकता को भी समझते हैं।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत का रुख
PM मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।
दोनों देशों की इस उच्चस्तरीय वार्ता से रणनीतिक सहयोग, आर्थिक संबंधों और सांस्कृतिक संपर्कों को आगे बढ़ाने के अवसरों पर ध्यान केंद्रित हुआ। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में प्रस्तावित सहयोग आने वाले समय में भारत-पोलैंड साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
