गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो) : हरियाणा की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम में मॉनसून की पहली बारिश ने शहर को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बुधवार की शाम शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने गुरुवार सुबह तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बारिश का येलो अलर्ट जारी कर दिया है और साथ ही वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी भी जारी की है।
90 मिनट में 103 एमएम बारिश, पूरे शहर में जलभराव
गुरुग्राम में मात्र 90 मिनट में 103 एमएम और कुल 12 घंटे में 133 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया है। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया है। गुरुग्राम की मुख्य सड़कों, चौराहों और अंडरपासों में वाहन फंस गए हैं। मॉनसून की पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी: घर से काम करें
गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को जिला प्रशासन ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि सभी निजी कंपनियां और कॉर्पोरेट संस्थान वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें ताकि सड़कों पर ट्रैफिक कम हो और लोगों की सुरक्षा बनी रहे। जिला उपायुक्त अजय कुमार के अनुसार, यह निर्णय लोगों को जलभराव से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए लिया गया है।
“लोगों की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने वर्क फ्रॉम होम की सिफारिश की है,” — अजय कुमार, उपायुक्त।
यातायात पुलिस के लिए बनी चुनौती
भारी बारिश के कारण शहर के प्रमुख चौराहों जैसे हीरो होंडा चौक, बसई रोड, सुभाष चौक, सेक्टर 10-12, द्वारका एक्सप्रेसवे और साईबर सिटी क्षेत्र में भारी जलभराव से जाम की स्थिति बनी रही। कई जगहों पर यातायात पुलिस को जलभराव में खड़े रहकर ट्रैफिक को नियंत्रित करना पड़ा।
गुरुग्राम तहसील में सबसे अधिक 133 एमएम बारिश दर्ज
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 9 जुलाई सुबह 8 बजे से 10 जुलाई सुबह 8 बजे तक गुरुग्राम जिले में निम्नलिखित बारिश दर्ज की गई:
- गुरुग्राम तहसील – 133 एमएम
- वजीराबाद – 122 एमएम
- कादीपुर – 119 एमएम
- हरसरू – 119 एमएम
- फर्रुखनगर – 67 एमएम
- मानेसर – 55 एमएम
- बादशाहपुर – 48 एमएम
- पटौदी – 33 एमएम
- सोहना – 18 एमएम
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मॉनसून की पहली बारिश ने गुरुग्राम तहसील को सबसे अधिक प्रभावित किया है।
क्या गुरुग्राम तैयार है अगली बारिश के लिए?
हर साल की तरह इस साल भी मॉनसून की पहली बारिश ने गुरुग्राम की व्यवस्थाओं को आईना दिखा दिया है। जलभराव, ट्रैफिक जाम और प्रशासन की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि भविष्य की बारिश से पहले स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाए।
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