नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ चुकी है। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना की राजधानी अक्रा पहुंचे, वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया परंपरागत संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और 21 तोपों की सलामी ने इस स्वागत को और भी खास बना दिया।
यह दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और घाना के रिश्तों में एक नया अध्याय है। मोदी की यह घाना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, और यह शुरुआत ही खास रही।
देश के सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी
घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ प्रदान किया। सम्मान पाकर भावुक हुए पीएम मोदी ने कहा:
“यह सम्मान केवल मेरा नहीं है। यह 1.4 अरब भारतीयों का है। यह हमारे साझा मूल्यों, इतिहास और उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है।”
उन्होंने घाना के लोगों और सरकार का तहेदिल से धन्यवाद किया और इस सम्मान को भारत-घाना की गहरी दोस्ती का प्रतीक बताया।
घाना में भारतीयों की मजबूत उपस्थिति
क्या आप जानते हैं कि घाना में लगभग 15,000 भारतीय रहते हैं? इनमें से कई पीढ़ियों से वहीं बस चुके हैं — कुछ परिवारों को तो 70 साल से ज़्यादा हो चुके हैं घाना में रहते हुए। इनमें से ज्यादातर गुजराती और सिंधी समुदाय से हैं।
ये भारतीय घाना की अर्थव्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं — चाहे वो व्यापार हो, आईटी हो या फाइनेंस। खास बात यह है कि घाना में भारतीय समुदाय को बहुत सम्मान और सराहना मिलती है।
भारत और घाना: एक पुराना, भरोसेमंद रिश्ता
भारत और घाना के रिश्ते आज के नहीं हैं। 1953 में ही भारत ने अक्रा में अपना प्रतिनिधि कार्यालय खोल दिया था — यानी घाना की आज़ादी से भी पहले। 1957 में जैसे ही घाना स्वतंत्र हुआ, दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर हाथ मिला लिया।
आज, भारत घाना को शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और विकास के कई क्षेत्रों में मदद करता है। आईटी केंद्र, छात्रवृत्तियां, और सॉफ्ट लोन जैसे कई कार्यक्रम इन रिश्तों को मजबूत कर रहे हैं।
घाना: एक झलक
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| राजधानी | अक्रा |
| जनसंख्या | करीब 32.1 मिलियन |
| क्षेत्रफल | 2,38,535 वर्ग किमी |
| प्रमुख भाषा | अंग्रेज़ी (आधिकारिक) |
| प्रमुख निर्यात | सोना, कोको, तेल |
अंत में…
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सिर्फ एक राजनयिक मिशन नहीं, बल्कि दो देशों के दिलों का जुड़ाव है। अफ्रीकी धरती पर भारत की मौजूदगी को एक नई पहचान मिल रही है, और घाना के साथ यह रिश्ता अब और भी खास हो चला है।
“अफ्रीका हमारे दिल के करीब है। और घाना जैसे देशों के साथ हमारी दोस्ती सिर्फ औपचारिक नहीं, पारिवारिक है।” — नरेंद्र मोदी
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