Home India हिमाचल भूस्खलन और बादल फटना: कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी नुकसान

हिमाचल भूस्खलन और बादल फटना: कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी नुकसान

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हिमाचल मॉनसून आपदा

शिमला, वायरल सच (ब्यूरो) : हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है और जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। राजधानी शिमला में नवबहार से राजभवन की ओर रामचंद्रा चौक के पास सोमवार देर रात भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान सड़क पर मलबा और पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। भूस्खलन की चपेट में आसपास के तीन से चार भवन भी आ गए। प्रशासन द्वारा एहतियातन इन भवनों को खाली करवाकर करीब 35 से 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। ये भवन विभिन्न विभागों के सरकारी आवास थे।

इसी तरह आपदा की मार झेल रहे मंडी जिले की पद्दर उपमण्डल की चौहारघाटी में बीती रात और आज सुबह हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। घाटी की दो पंचायतों शिल्हबुधाणी और तरस्वाण में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। यहां 6 फुट ब्रिज, एक वाहन, एक दुकान और सैकड़ों बीघा निजी भूमि तेज बहाव में बह गई। गनीमत रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने बताया कि भारी बारिश से नाले उफान पर आ गए थे और लोगों ने सुरक्षित स्थानों में शरण लेकर अपनी जान बचाई। सैकड़ों बीघा भूमि बह जाने से किसानों और बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

एसडीएम पधर सुरजीत सिंह और लोक निर्माण विभाग सहित राजस्व विभाग की टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। हालात को देखते हुए पधर उपमंडल के शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है।

उधर, कुल्लू जिले की लगघाटी में मंगलवार सुबह बादल फटने से दो दुकानों और एक बाइक को नुकसान पहुंचा है। सरवरी क्षेत्र में एक पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। हालात को देखते हुए कुल्लू और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं।

भारी बारिश के बीच कांगड़ा जिले में पौंग डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक डैम का जलस्तर 1383.02 फुट दर्ज किया गया। बीबीएमबी प्रशासन के अनुसार सभी छह टर्बाइनें चालू हैं, जिनसे 17,456 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि स्पिलवे गेट्स से 42,379 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इस तरह कुल 59,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार से यह मात्रा बढ़ाकर 75 हजार क्यूसेक कर दी जाएगी। निचले क्षेत्रों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारों की ओर न जाएं।

मौसम विभाग ने राज्य में 25 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा से भूस्खलन, बादल फटने और नदियों-नालों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

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