Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram के साउथ सिटी-1 में करीब 3 करोड़ रुपये की सड़क रीकार्पेटिंग परियोजना में खामियां सामने आने के बाद Municipal Corporation Gurugram (MCG) ने ठेकेदार को तीन दिन के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में सड़क निर्माण से जुड़ी पांच प्रमुख कमियां पाई गईं। इनमें पुरानी सतह की सही तरीके से स्क्रैपिंग नहीं करना, सफाई में कमी, बिटुमेन मैकाडम की परत की अपर्याप्त मोटाई, सड़क का असमान स्तर और मिश्रण में बिटुमेन की कम मात्रा शामिल हैं।
Gurugram के साउथ सिटी-1 के ब्लॉक I से Q तक की आंतरिक सड़कों पर रीकार्पेटिंग का काम करीब 8 अक्टूबर को शुरू किया गया था। परियोजना को 7 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, काम शुरू होने के कुछ ही सप्ताह बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय निवासियों ने शिकायतें दर्ज कराईं।
निरीक्षण में मिलीं पांच प्रमुख खामियां
Municipal Corporation Gurugram की निरीक्षण टीम ने सोमवार को सड़कों की जांच की। जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य से संबंधित पांच कमियों का उल्लेख किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सड़क की पुरानी सतह को उचित तरीके से नहीं खुरचा गया था। इसके अलावा, नई परत बिछाने से पहले पर्याप्त झाड़ू लगाने और सफाई की कमी भी सामने आई।
निरीक्षण में बिटुमेन मैकाडम की परत की मोटाई निर्धारित स्तर के अनुरूप नहीं पाई गई। सड़क की ऊंचाई और सतह भी कई स्थानों पर असमान मिली। इसके साथ ही सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए गए मिश्रण में बिटुमेन की मात्रा अपर्याप्त होने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज की गई।
Municipal Corporation Gurugram ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को संबंधित ठेकेदार को पत्र जारी किया और तीन दिन के भीतर सभी खामियां दूर करने का निर्देश दिया।
कुछ ही सप्ताह में उखड़ने लगी सड़क, निवासियों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय तक मांग करने के बाद सड़कों की मरम्मत शुरू हुई थी, लेकिन काम की गुणवत्ता अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। मंगलवार को मौके पर सड़क के कुछ हिस्सों में बजरी उखड़ी हुई, सतह असमान और पत्थर बिखरे हुए दिखाई दिए। कई स्थानों पर सड़क पर धूल भी जमा थी।
साउथ सिटी-1 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष सागर भोला ने आरोप लगाया कि मरम्मत शुरू होने के कुछ ही सप्ताह बाद सड़क से बजरी निकलने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरे के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
RWA की संयुक्त सचिव तनुवीर कौर सबरवाल ने भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कुछ स्थानों पर नई सड़क पुरानी सड़क से भी खराब स्थिति में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रीकार्पेटिंग से पहले पुरानी सड़क की आधार परत को उचित तरीके से नहीं खुरचा गया, जिसके कारण सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
Gurugram के साउथ सिटी-1 में रहने वाले लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिटुमेन ठीक तरीके से नहीं बिछाया गया, जिससे सड़क की सतह पर दरारें दिखाई देने लगीं। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
निवासियों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने लिया संज्ञान
सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर निवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को Municipal Corporation Gurugram के संयुक्त आयुक्त आशीष सिंघला से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
इसके बाद संयुक्त आयुक्त ने कार्यकारी अभियंता संदीप धुंधवाल को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। कार्यकारी अभियंता ने संबंधित उपमंडल अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता को मौके पर जाकर सड़कों का निरीक्षण करने और निर्माण की गुणवत्ता का आकलन करने को कहा।
निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में पांच कमियां दर्ज की गईं। इसी रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार को सुधार कार्य पूरा करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
तीन दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
कार्यकारी अभियंता संदीप धुंधवाल के अनुसार, ठेकेदार को निर्धारित समय सीमा में सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदार सुधारात्मक कदम उठाने में विफल रहता है, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
Gurugram में इस परियोजना को लेकर अब निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। सड़क निर्माण का काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होना है, ऐसे में तीन दिन की समयसीमा ठेकेदार के लिए महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों की ओर से तय मानकों के अनुसार सुधार किया जाना जरूरी है, ताकि सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके।
Gurugram के साउथ सिटी-1 की इस परियोजना में सामने आई खामियों ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच और समय पर निगरानी की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ठेकेदार तीन दिन के भीतर सभी कमियों को दूर करता है या नहीं और सुधार के बाद सड़क की गुणवत्ता निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।
