Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram की अदालत ने गांजा तस्करी मामले में मोहम्मद साकिब को तीन साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इसी मामले में आरोपित फैयाज आलम को अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित नहीं कर पाने पर बरी कर दिया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की विशेष अदालत ने साकिब को गांजा रखने का दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।
यह मामला दिसंबर 2019 में गुरुग्राम के सेक्टर-37 थाना क्षेत्र में सामने आया था। Gurugram पुलिस ने खांडसा गांव में किराए पर रहने वाले मोहम्मद साकिब के बैग से गांजा बरामद किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपितों के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्यों का अलग-अलग मूल्यांकन किया। इसके बाद साकिब को दोषी ठहराया गया, जबकि फैयाज आलम के खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उसे बरी कर दिया गया।
बैग से बरामद हुआ था 6 किलो 23 ग्राम गांजा
Gurugram पुलिस के अनुसार, 17 दिसंबर 2019 को सेक्टर-37 थाना पुलिस ने खांडसा गांव में कार्रवाई के दौरान मोहम्मद साकिब के बैग से 6 किलो 23 ग्राम गांजा बरामद किया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साकिब से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान साकिब ने बताया था कि उसने फैयाज आलम से आठ किलो गांजा खरीदा था। उसके अनुसार, इसमें से करीब दो किलो गांजा वह बेच चुका था। इस बयान के आधार पर Gurugram पुलिस ने फैयाज आलम को भी मामले में आरोपित बनाया।
इसके बाद Gurugram पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर न्यायालय में कार्रवाई आगे बढ़ाई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों आरोपितों के खिलाफ पेश किए गए तथ्यों की समीक्षा की।
अदालत में फैयाज आलम के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मोहम्मद साकिब के पास गांजा होने का आरोप साबित हुआ। वहीं, फैयाज आलम के खिलाफ अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने फैयाज को बरी करने का आदेश दिया।
इस फैसले में अदालत ने दोनों आरोपितों की भूमिका को अलग-अलग आधार पर परखा। साकिब के खिलाफ गांजा रखने से संबंधित आरोप साबित होने पर उसे दोषी ठहराया गया, जबकि फैयाज के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं होने के कारण उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
NDPS Act के तहत मोहम्मद साकिब को सजा
विशेष अदालत ने मोहम्मद साकिब को NDPS Act (स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर साकिब को एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस प्रकार सजा के साथ जुर्माने और उसके भुगतान में चूक की स्थिति को लेकर भी आदेश स्पष्ट किया गया है।
फैयाज को 50 हजार रुपये के मुचलके पर बांड भरने का निर्देश
अदालत ने फैयाज आलम को बरी करने के साथ अपील संबंधी प्रावधानों के तहत 50 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के साथ बांड भरने का निर्देश दिया। यह निर्देश संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार दिया गया है।
Gurugram के इस गांजा बरामदगी मामले में अदालत के फैसले के बाद मोहम्मद साकिब को तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा मिली है, जबकि फैयाज आलम को अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित नहीं कर पाने के कारण बरी कर दिया गया। अदालत का फैसला दोनों आरोपितों के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों पर आधारित रहा।
