Gurugram News: सर्दियों के प्रदूषण को लेकर गुरुग्राम में तैयारी तेज, 8 एयर मॉनीटरिंग स्टेशन और 396 KM सड़कें फोकस में

Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए Gurugram नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम की योजना में सड़क की धूल पर नियंत्रण, एयर क्वालिटी की रियल टाइम निगरानी, सीएंडडी वेस्ट का निस्तारण और ट्रैफिक कंजेशन कम करना शामिल है।

मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आगामी ग्रेप (GRAP) अवधि को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए।Gurugram

8 एयर मॉनीटरिंग स्टेशन बनाने की तैयारी

सड़क से उड़ने वाली धूल को प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल करते हुए निगम ने 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए चिन्हित किया है। निगम के पास वर्तमान में 24 मशीनें उपलब्ध हैं, जिनसे प्रतिदिन 600 किलोमीटर से अधिक चार लेन सड़क की सफाई का प्रावधान है।

मैकेनिकल स्वीपिंग का संचालन मुख्य रूप से रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता है। वहीं, शहर में एयर क्वालिटी की निगरानी बढ़ाने के लिए मौजूदा 3 एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 8 करने का लक्ष्य रखा गया है।

सीएंडडी वेस्ट पर भी निगम की नजर

निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए शहर में 1,500 टन प्रतिदिन की प्रोसेसिंग क्षमता उपलब्ध है। वहीं, 12 सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट को सीएंडडी वेस्ट पोर्टल पर लाइव किया जा चुका है।

Gurugram नगर निगम के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 3.38 लाख टन से अधिक सीएंडडी वेस्ट का ऑफटेक किया गया। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वेब कैमरे लगाने पर भी काम किया जा रहा है।Gurugram

396 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य

Gurugram में वर्ष 2026 के दौरान 396 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम के अनुसार, अब तक 179.04 किलोमीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है।

इसके अलावा शहर में 31 ट्रैफिक कंजेशन हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। इनमें से 4 स्थानों पर काम पूरा किया जा चुका है।

बैठक में आईटीएमएस, एएनपीआर कैमरों और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। निगम की तैयारियों का उद्देश्य सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ शहर की सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र को बेहतर करना है।

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