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बायजू में शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, छह आरोपी गिरफ्तार

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गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): गुरुग्राम साइबर पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को नामी एडटेक कंपनी बायजू में शिक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सेक्टर-57 में संचालित इस कॉल सेंटर के जरिए देशभर के नौकरी तलाश रहे युवाओं से रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, ट्रेनिंग और ज्वाइनिंग फीस के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर आकर्षक भर्ती विज्ञापन जारी कर युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया पूरी होने और जल्द नियुक्ति का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद उनसे अलग-अलग चरणों के नाम पर ऑनलाइन फीस जमा करवाई जाती थी। नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ऐंठना ही इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य था।

जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर का संचालन पूरी योजना के साथ किया जा रहा था। कर्मचारियों को विशेष कॉलिंग स्क्रिप्ट दी गई थी, ताकि वे स्वयं को कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों का विश्वास जीत सकें और आसानी से ठगी को अंजाम दे सकें।

गुरुवार रात सेक्टर-57 में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवीश कुमार, अंकित कुमार, गौलू कुमार, रविकांत, टुनर कुमार और जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी बिहार के नवादा जिले के गांव जमुनावन के निवासी हैं तथा उनकी उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना रवीश कुमार ठगी से प्राप्त रकम का संचालन करता था और अन्य साथियों को 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन देता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, पांच एटीएम कार्ड, कई सिम कार्ड, फर्जी बायजू आईडी कार्ड तथा ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। डिजिटल उपकरणों की जांच में भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

साइबर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका है कि गिरोह ने देशभर में बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संभावित पीड़ितों की पहचान कर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

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