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Elon Musk का दावा: 2028 तक डिजिटल फील्ड्स में इंसानों से आगे निकल जाएगा AI

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नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती क्षमता को लेकर Elon Musk ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 2027 के अंत से 2028 तक AI लगभग सभी डिजिटल क्षेत्रों में इंसानों से बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में पहुंच सकता है। इनमें कोडिंग, रिसर्च, राइटिंग, लीगल एनालिसिस, अकाउंटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे काम शामिल हैं।

Elon Musk ने यह टिप्पणी AI रिसर्चर François Chollet की एक पुरानी भविष्यवाणी पर प्रतिक्रिया देते हुए की। Chollet ने 2021 में अनुमान लगाया था कि अगले 10 से 20 वर्षों में विज्ञान की ज्यादातर शाखाएं कंप्यूटिंग और कंप्यूटर साइंस पर काफी हद तक निर्भर हो जाएंगी।

हाल ही में Chollet ने अपनी पुरानी पोस्ट दोबारा शेयर करते हुए कहा कि उनका अनुमान अब वास्तविकता की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसके जवाब में Musk ने कहा कि AI की प्रगति बताई गई टाइमलाइन से भी तेज हो सकती है।

डिजिटल कामों में AI का दबदबा बढ़ने का अनुमान

Musk के मुताबिक, जिन कार्यों को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से कंप्यूटर, डेटा और डिजिटल जानकारी की जरूरत होती है, उनमें AI तेजी से इंसानों को पीछे छोड़ सकता है।

इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, रिसर्च, कंटेंट राइटिंग, कानूनी विश्लेषण, अकाउंटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे काम शामिल हैं।

Musk का कहना है कि अगले साल तक AI सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में Stockfish जैसे चेस इंजन की तरह बेहद मजबूत क्षमता हासिल कर सकता है। ऐसे में कोडिंग के क्षेत्र में इंसानों के लिए AI के साथ सीधे मुकाबला करना मुश्किल हो सकता है।

फिजिकल कामों में लगेगा ज्यादा समय

डिजिटल टास्क के मुकाबले मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और दूसरे फिजिकल कामों में AI को इंसानों के स्तर तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है।

इस दिशा में Musk की कंपनी Tesla अपने Optimus humanoid robot पर काम कर रही है। इसका मकसद भविष्य में ऐसे कार्यों को रोबोट के जरिए करवाना है, जिनमें फिलहाल इंसानों की शारीरिक भागीदारी जरूरी होती है।

Chollet की थ्योरी क्या है?

AI रिसर्चर François Chollet का कहना है कि आने वाले समय में विज्ञान और कंप्यूटिंग के बीच की दूरी लगातार कम होती जाएगी।

उन्होंने इसे समझाने के लिए साल 2000 का उदाहरण दिया था। उस समय अगर कोई कहता कि भविष्य में बड़ी संख्या में कंपनियां टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर निर्भर हो जाएंगी, तो यह बात असामान्य लग सकती थी।

लेकिन आज Walmart और FedEx जैसी कंपनियों के संचालन में सॉफ्टवेयर और डिजिटल सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। Chollet का मानना है कि अब विज्ञान के क्षेत्रों में भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है।

रिसर्च में AI की बढ़ती भूमिका

Biology: प्रोटीन फोल्डिंग और जटिल जैविक संरचनाओं के अध्ययन में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।

Material Science: नए पदार्थों की खोज और उनके गुणों का अनुमान लगाने में AI और कंप्यूटेशनल मॉडल मदद कर रहे हैं।

Climate Science: बड़े डेटा सेट और AI मॉडल के जरिए जलवायु से जुड़े पैटर्न को समझने की कोशिश की जा रही है।

Chollet ने इस बदलाव के लिए 10 से 20 साल की अवधि का अनुमान लगाया था, जबकि Musk का मानना है कि AI की तेज प्रगति के चलते यह बदलाव अगले एक-दो वर्षों में ही काफी आगे बढ़ सकता है।

2017 से 2026 तक AI पर Elon Musk के अनुमान

Elon Musk पिछले कई वर्षों से AI की क्षमता और भविष्य को लेकर अलग-अलग समयसीमाएं बताते रहे हैं।

2017: Musk ने अनुमान जताया था कि AI 2030 से 2040 के बीच कई क्षेत्रों में इंसानों से आगे निकल सकता है।

2024: उन्होंने कहा था कि AI 2025 के अंत तक किसी एक इंसान से ज्यादा स्मार्ट हो सकता है और अगले कुछ वर्षों में मानवता की सामूहिक बुद्धिमत्ता से भी आगे निकलने की क्षमता रखता है।

जनवरी 2026: दावोस में Musk ने कहा था कि 2026 के अंत या 2027 तक AI किसी भी एक इंसान से ज्यादा समझदार हो सकता है।

सितंबर 2026: François Chollet की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए Musk ने अब कहा है कि 2027 के अंत या 2028 तक AI डिजिटल टास्क और नॉलेज वर्क में सुपरह्यूमन क्षमता हासिल कर सकता है।

भारत के IT सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर?

AI के इस तरह तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति में भारत के IT, BPO और नॉलेज सेक्टर में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

IT और BPO

कोडिंग, डेटा प्रोसेसिंग और दूसरे दोहराए जाने वाले डिजिटल कार्यों में AI के इस्तेमाल से भारतीय कंपनियों के काम करने के तरीके और बिजनेस मॉडल में बदलाव आ सकता है।

रिसर्च और इनोवेशन

AI का इस्तेमाल भारतीय वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स को मेडिसिन, स्पेस टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और मटीरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में रिसर्च की प्रक्रिया तेज करने में मदद कर सकता है।

नई स्किल्स की मांग

भविष्य में केवल बेसिक कोडिंग या थ्योरी की जानकारी के बजाय AI टूल्स का इस्तेमाल, प्रॉम्प्टिंग, डेटा एनालिसिस, सिमुलेशन और समस्या-समाधान जैसी स्किल्स की अहमियत बढ़ सकती है।

हालांकि, 2028 तक AI के सुपरह्यूमन स्तर पर पहुंचने की बात अभी Elon Musk का अनुमान है, स्थापित तथ्य नहीं। AI की वास्तविक क्षमता और रोजगार पर इसका असर तकनीक के विकास और उसके व्यावहारिक इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।

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