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द्वारका एक्सप्रेसवे पर छह महीने में 63,400 नो-एंट्री उल्लंघन, अब चालान नहीं सीधे होगी FIR

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गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): द्वारका एक्सप्रेसवे पर बढ़ती लापरवाही और लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। अब एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश और जानलेवा तरीके से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ केवल चालान नहीं, बल्कि सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही 63,400 वाहन चालकों ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन किया। यह कार्रवाई कैमरों के माध्यम से दर्ज मामलों की है, जबकि इसके अलावा हजारों मैनुअल चालान भी किए गए हैं।

हादसे बढ़ने की बड़ी वजह बन रही लापरवाही

शुक्रवार को सेक्टर-37 स्थित एवीएल सोसाइटी के पास सरिया से लदे एक टेंपो और कार की टक्कर में एक कैब चालक की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा भी ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही से जुड़ा माना जा रहा है।

द्वारका एक्सप्रेसवे को 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाले वाहनों के लिए तैयार किया गया है। इसके बावजूद मुख्य कैरेजवे पर ई-रिक्शा, दोपहिया, तिपहिया वाहन और ओवरलोड मालवाहक वाहन लगातार चलते देखे जा रहे हैं, जबकि इन पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

हर दिन सैकड़ों लोग तोड़ रहे नियम

पुलिस के अनुसार केवल कैमरों से ही औसतन 350 से अधिक नो-एंट्री उल्लंघन प्रतिदिन दर्ज हो रहे हैं। इसके अलावा पुलिस की मैनुअल कार्रवाई अलग है। एक्सप्रेसवे पर अक्सर ई-रिक्शा सवारी लेकर चलते हैं, बाइक चालक शॉर्टकट के लिए हाई-स्पीड लेन में घुस जाते हैं और ओवरलोड टेंपो बिना रिफ्लेक्टर के दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

अब चालान के साथ होगी FIR

एसीपी ट्रैफिक हाईवे एवं मुख्यालय सत्यपाल यादव ने कहा कि लगातार बढ़ते हादसों के पीछे वाहन चालकों की लापरवाही सबसे बड़ा कारण है। पुलिस प्रतिबंधित वाहनों को हटाने और कैमरों के जरिए लगातार चालान कर रही है, लेकिन नियमों का उल्लंघन नहीं रुक रहा।

उन्होंने कहा कि अब ऐसे वाहन चालकों की पहचान की जाएगी जो अन्य लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। ऐसे मामलों में केवल चालान नहीं, बल्कि सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों ने दिए सख्त कदम उठाने के सुझाव

ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा। एक्सप्रेसवे के सभी प्रवेश बिंदुओं पर सख्त बैरियर, पुलिस की स्थायी तैनाती, जागरूकता अभियान और कठोर दंड व्यवस्था लागू करना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हादसों का सिलसिला जारी रहेगा।

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