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दिल्ली में 109 करोड़ की चरस बरामद, नेपाल से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट बेनकाब, 4 गिरफ्तार

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नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): स्वतंत्रता दिवस से पहले दक्षिण जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से दिल्ली-एनसीआर तक फैले अंतरराष्ट्रीय चरस तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और ठिकानों से कुल 106.250 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक बरामद चरस की अनुमानित कीमत करीब 109 करोड़ रुपये है।

दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के अनुसार, कार्रवाई दो चरणों में की गई। पहली कार्रवाई 29 जून 2026 को विशेष सूचना के आधार पर कोटला मुबारकपुर इलाके में की गई। टीम ने एक मकान पर छापा मारकर नेपाल निवासी भारत थापा (32), गोविंद बुधा (32) और ज्योति पुन मगर (50) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से कुल 8.598 किलोग्राम चरस बरामद हुई।

इस मामले में थाना कोटला मुबारकपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपितों के सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में बिनमाया और रोशनी मगर के नाम सामने आए। तकनीकी निगरानी, स्थानीय सूचना, पूछताछ और वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद पुलिस कथित बड़े स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट तक पहुंची।

पुलिस के मुताबिक 12 अगस्त को वजीराबाद स्थित रोशनी मगर के ठिकाने पर छापा मारा गया। वहां से 97.652 किलोग्राम चरस बरामद हुई, जो 13 प्लास्टिक बैग में रखी थी। मौके से चरस मिलाने वाली मशीन और पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने रोशनी मगर (32) को गिरफ्तार किया।

नेपाल सीमा से सड़क मार्ग के जरिए दिल्ली तक सप्लाई

जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह कथित तौर पर नेपाल स्थित नेटवर्क से चरस हासिल कर भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र से सड़क मार्ग के जरिए दिल्ली लाता था। दिल्ली पहुंचने के बाद चरस को अलग-अलग ठिकानों पर छिपाकर रखा जाता और फिर स्थानीय स्तर पर सप्लाई की जाती थी।

पुलिस का दावा है कि आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नशे के ऑर्डर लेते और नकद के अलावा डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से भुगतान प्राप्त करते थे। डिलीवरी के लिए ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया जाता था। लेनदेन के बाद डिजिटल बातचीत मिटा दी जाती थी।

पुलिस के अनुसार, वजीराबाद और मजनूं का टीला सहित अन्य इलाकों में मांग वाले ग्राहकों और कथित वितरकों तक चरस पहुंचाई जाती थी। आसपास के पब, बार और होटलों में भी सप्लाई किए जाने की आशंका है।

जांच में नेपाल निवासी बिनमाया को कथित तौर पर नेटवर्क के अहम स्रोत के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस के मुताबिक वह सोनौली सीमा क्षेत्र से दिल्ली तक चरस पहुंचाने की व्यवस्था करता था। इसके अलावा हरि नाम के एक अन्य नेपाली नागरिक की भूमिका भी कथित सप्लायर के तौर पर सामने आई है। दोनों की भूमिका, ठिकाने और वित्तीय संबंधों की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपितों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। अब जांच एजेंसियां नेपाल स्थित सप्लायर, दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय वितरकों, पैसों के लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

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