फरीदाबाद, वायरल सच (ब्यूरो): ऑनलाइन टास्क के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 25.80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना बल्लभगढ़ ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के भरतपुर निवासी दिपेंद्र (23) के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 दिसंबर 2025 को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर भेजा गया था। शुरुआत में छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर लाभ देकर उसका विश्वास जीता गया। बाद में अधिक मुनाफे का लालच देकर उससे लगातार बड़ी रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई।
आरोपियों ने तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर शिकायतकर्ता को यह विश्वास दिलाया कि अतिरिक्त राशि जमा करने पर पूरी रकम मुनाफे सहित वापस कर दी जाएगी। इस झांसे में आकर पीड़ित ने 30 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच कुल 25,80,728 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने संपर्क समाप्त कर दिया।
जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए 30 जुलाई 2026 को भरतपुर निवासी दिपेंद्र को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि जिस बैंक खाते में ठगी की राशि प्राप्त हुई थी, उसकी यूपीआई आईडी आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से तैयार की थी और उसी के माध्यम से लेनदेन संचालित किए जा रहे थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 12वीं पास है और जयपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह साइबर ठगी गिरोह से कब और कैसे जुड़ा तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की इसमें क्या भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में खाताधारक हरिश चंद्र को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में उसके बैंक खाते में ठगी की 2.10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होने की पुष्टि हुई थी। मामले की जांच जारी है।
