नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो, रेलवे, सड़क यातायात और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद करने तथा कुछ स्टेशनों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम करने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच पहुंचने वाली निर्धारित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा योजना में 37 ब्लॉकिंग पॉइंट और 15 डिटेंशन सेंटर शामिल बताए गए हैं। केंद्र सरकार ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से पुलिस का इनकार
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। पार्टी और उससे जुड़े संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए देर से आवेदन मिलने, पहले के प्रदर्शन के दौरान निर्देशों का पालन नहीं होने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को मिला था, जबकि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले से आवेदन करना अपेक्षित होता है।
पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात और संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों की सुरक्षा को भी अनुमति नहीं देने की वजह बताया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
दूसरी ओर, CJP ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगें उठाना चाहती है। SIR को लेकर लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग की भूमिका पर विवाद को संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का अनुरोध
दिल्ली पुलिस ने DMRC को 8 अक्टूबर को पत्र लिखकर 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद करने तथा कुछ स्टेशनों पर ट्रेन की फ्रीक्वेंसी घटाने का अनुरोध किया था। यह व्यवस्था 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से स्थिति सामान्य होने तक लागू रखने की योजना है।
प्रभावित स्टेशनों की सूची में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, नई दिल्ली, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, ITO, दिल्ली गेट, खान मार्केट, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, INA, हौज खास, लाजपत नगर और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल बताए गए हैं।
पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेट्रो से संवेदनशील इलाकों की ओर पहुंच सकते हैं। इसी कारण गेट बंद करने और ट्रेन संचालन में बदलाव का अनुरोध किया गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी सूचना: 57 स्टेशनों के गेट बंद करने का अर्थ यह नहीं है कि सभी स्टेशनों से मेट्रो ट्रेनें पूरी तरह बंद हो जाएंगी। यात्रियों को यात्रा से पहले DMRC की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए और वैकल्पिक मार्ग के लिए अतिरिक्त समय रखना चाहिए।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनें रद्द
CJP प्रदर्शन से पहले रेलवे यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। रिपोर्टों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच पहुंचने वाली निर्धारित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया गया है।
यह रद्दीकरण उन ट्रेनों पर लागू बताया गया है, जो 9 अक्टूबर को अपने शुरुआती स्टेशन से दोपहर 2 बजे के बाद रवाना होने वाली थीं और 10 अक्टूबर को निर्धारित समय के अनुसार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच इन दोनों स्टेशनों पर पहुंचने वाली थीं।
रेलवे से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में संभावित भारी ट्रैफिक और सड़कों पर प्रतिबंध के कारण यात्रियों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नंबर और वर्तमान स्थिति रेलवे के आधिकारिक माध्यमों पर जांच लें। दिल्ली आने वाली हर ट्रेन रद्द नहीं है; रद्दीकरण निर्धारित समय और ट्रेन श्रेणी के अनुसार लागू है।
37 ब्लॉकिंग पॉइंट और डिटेंशन सेंटर तैयार
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए 37 ब्लॉकिंग पॉइंट की योजना बनाई है। इनका उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। नई दिल्ली जिले में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी की व्यवस्था की गई है।
डिटेंशन सेंटर की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ शुरुआती खबरों में 10 सेंटर का उल्लेख था, जबकि The Indian Express की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सभी 15 पुलिस जिलों में एक-एक डिटेंशन सेंटर निर्धारित किया है। इसलिए उपलब्ध नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर 15 डिटेंशन सेंटर की जानकारी दी जा रही है।
इन सेंटरों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को संभालना और संबंधित पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखना बताया गया है।
करीब 23 हजार केंद्रीय सुरक्षाकर्मी उपलब्ध
गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें करीब 23,000 कर्मी शामिल हैं।
इन बलों को आवश्यकता के अनुसार तैनात किया जा सकता है। सुरक्षा योजना में संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, यातायात मार्गों और प्रदर्शन स्थल के आसपास निगरानी बढ़ाना शामिल है।
दिल्ली पुलिस ने स्थानीय संगठनों और संबंधित समूहों के प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया है। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सार्वजनिक आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
होटल, गेस्ट हाउस और शराब की दुकानों पर भी प्रतिबंध
CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली के कुछ इलाकों में होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नई बुकिंग को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए जाने की रिपोर्टें हैं। पुलिस की योजना में संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ के अचानक जुटने की आशंका को कम करना भी शामिल है।
इसके अलावा, 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानों को बंद रखने के आदेश की भी रिपोर्ट सामने आई है। यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया गया है।
कुछ रिपोर्टों में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं की आवाजाही को नियंत्रित करने और नई दिल्ली जिले की ओर जाने वाली सड़कों पर प्रतिबंधों की तैयारी का भी उल्लेख है। यात्रियों को इन व्यवस्थाओं के संबंध में प्रशासन के ताजा निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।
CJP की मांग और पुलिस की दलील
CJP और उससे जुड़े संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनका आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। ये आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का निर्णय देर से आवेदन मिलने, पहले के प्रदर्शन में निर्देशों का पालन नहीं होने और कानून-व्यवस्था संबंधी आशंकाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
CJP प्रदर्शन से पहले देश के अन्य हिस्सों में CJP और उससे जुड़े संगठनों के सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। संगठन की ओर से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
10 अक्टूबर को दिल्ली आने या राजधानी के भीतर यात्रा करने वालों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- अपनी ट्रेन का स्टेटस यात्रा से पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यमों पर जांचें।
- मेट्रो के प्रभावित स्टेशनों और गेट बंद होने की ताजा सूचना DMRC से देखें।
- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन और जंतर-मंतर के आसपास यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें।
- संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रतिबंधों की संभावना को ध्यान में रखें।
- सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं के बजाय आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
10 अक्टूबर को सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी नजर
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने की योजना, कई ट्रेनों के रद्दीकरण, 37 ब्लॉकिंग पॉइंट और डिटेंशन सेंटर की व्यवस्था के चलते यात्रियों और राजधानी में आने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, प्रदर्शन आयोजकों ने चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। 10 अक्टूबर को स्थिति कैसी रहती है, यह प्रशासन की व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों और जारी होने वाले नए निर्देशों पर निर्भर करेगा।
