सीबीआई के अनुसार, यह मामला लद्दाख में संचालित प्रोजेक्ट विजयक और प्रोजेक्ट योजक में कैजुअल मजदूरों की फर्जी तैनाती और फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान जारी किए जाने से जुड़ा है। जांच रक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर शुरू की गई, जो BRO के तकनीकी अधिकारियों के बोर्ड द्वारा की गई आंतरिक जांच के बाद दर्ज कराई गई थी।
जांच एजेंसी ने बताया कि मामलों में सरकारी धन के गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार एवं रिश्वतखोरी के आरोप शामिल हैं।
सीबीआई ने चारों एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर स्तर के कुल 10 अधिकारियों के साथ कुछ निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच को जल्द पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
