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राहुल गांधी पर BJP का बड़ा हमला, अंतरराष्ट्रीय ‘Regime Change’ नेटवर्क से कथित संबंधों की जांच की मांग

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नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कथित अंतरराष्ट्रीय ‘Regime Change’ नेटवर्क से उनके संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। BJP ने आरोपों की व्यापक जांच कराने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी के राजनीतिक संपर्कों को लेकर कई सवाल उठाए।

BJP प्रवक्ता ने फॉक्स न्यूज की एक डिजिटल जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि विभिन्न देशों में विरोध प्रदर्शनों और निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने से संबंधित गतिविधियों के पीछे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका की जांच होनी चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस के कथित संबंधों और किसी साजिश में उनकी भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। भाजपा के आरोप अपने आप में किसी गलत गतिविधि का प्रमाण नहीं हैं।

‘Regime Change’ नेटवर्क को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल

गौरव भाटिया ने दावा किया कि रिपोर्ट में नौ देशों में सक्रिय 101 संगठनों के नेटवर्क का उल्लेख किया गया है, जिसे ‘रेड-ग्रीन इकोसिस्टम ऑफ प्रोटेस्ट’ कहा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेटवर्क विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर सकते हैं।

BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना करते हुए उनके लिए तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने और कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच की मांग का समर्थन करने को कहा।

‘इंडियन अलायंस पेरिस’ की भूमिका पर सवाल

BJP ने फ्रांस स्थित संगठन इंडियन अलायंस पेरिस का भी उल्लेख किया। गौरव भाटिया के अनुसार, संगठन ने 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी से संबंधित विरोध प्रदर्शन और हिरासत से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा की थी।

BJP प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि भारत में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को विदेशी संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस उद्देश्य से उठाते हैं। उन्होंने इसे भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप की आशंका से जोड़ते हुए जांच की आवश्यकता बताई।

हालांकि, किसी विदेशी संगठन द्वारा राजनीतिक घटनाओं पर टिप्पणी करना या उनसे संबंधित सामग्री साझा करना अपने आप में किसी अवैध गतिविधि अथवा साजिश का प्रमाण नहीं है।

‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के साथ बैठक का किया उल्लेख

गौरव भाटिया ने प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल नामक संगठन का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसकी भूमिका विभिन्न देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में जांच के दायरे में आनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस के सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई एक तस्वीर का उल्लेख किया। उनके अनुसार, 28 अप्रैल 2025 को सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।

भाटिया ने बैठक के उद्देश्य और उसमें चर्चा किए गए विषयों पर सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात अपने आप में गलत नहीं है। भाजपा ने इस संदर्भ में राजनीतिक संपर्कों में पारदर्शिता की मांग की।

संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना

BJP प्रवक्ता ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत के बयानों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का भी जिक्र किया और संसद तथा उच्चतम न्यायालय की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भाटिया ने उच्चतम न्यायालय परिसर में राहुल गांधी की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने याचिका दायर करने के सिलसिले में शाम छह से सात बजे के बीच परिसर में प्रवेश किया और इस मामले का उच्चतम न्यायालय ने संज्ञान लिया है। इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित न्यायालयी रिकॉर्ड और आधिकारिक जानकारी देखना आवश्यक है।

BJP ने पारदर्शिता और जांच की मांग की

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में BJP प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से कथित विदेशी संपर्कों और संबंधित राजनीतिक गतिविधियों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

फिलहाल, इस पूरे मामले में भाजपा के आरोपों, उद्धृत रिपोर्ट के निष्कर्षों और राहुल गांधी या कांग्रेस की कथित भूमिका के बीच अंतर करना जरूरी है। किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्क या मुलाकात को किसी साजिश में संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आरोपों की वास्तविकता स्थापित करने के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा।

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