दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : ग्लूटाथियोन से जान को खतरा हो सकता है — यह सवाल अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की मौत के बाद तेजी से उठने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास से ग्लूटाथियोन इंजेक्शन मिले, जो वे एंटी-एजिंग के लिए ले रही थीं। ऐसे में सवाल है: क्या ग्लूटाथियोन लेना सुरक्षित है या जानलेवा भी हो सकता है? आइए एक्सपर्ट से समझते हैं।
कार्य:
- कोशिकाओं की मरम्मत और रक्षा
- इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाना
- लिवर डिटॉक्स में मदद करना
- स्किन की रंगत को हल्का करने में सहायक (Melanin को अवरुद्ध कर)
भारत में ग्लूटाथियोन का ट्रेंड: स्किन लाइटनिंग से लेकर एंटी-एजिंग तक
हाल के वर्षों में ग्लूटाथियोन का चलन तेजी से बढ़ा है, खासकर फेयरनेस, ब्राइट स्किन और एंटी-एजिंग के लिए। ये मुख्य रूप से 3 फॉर्म में इस्तेमाल होता है:
- ओरल टैबलेट / कैप्सूल
- इंजेक्शन (IV)
- लोशन या क्रीम के रूप में
भारत में इसे ज्यादातर महिलाएं स्किन व्हाइटनिंग के लिए इंजेक्शन के रूप में ले रही हैं, जो जोखिमपूर्ण हो सकता है।
शेफाली जरीवाला केस: ग्लूटाथियोन से हुई मौत?
हाल ही में अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की अचानक हुई मौत ने ग्लूटाथियोन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट से हुई और उनके घर से ग्लूटाथियोन इंजेक्शनों की बड़ी मात्रा बरामद की गई।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने खाली पेट ग्लूटाथियोन और अन्य एंटी-एजिंग दवाएं ली थीं, जिससे उनका ब्लड प्रेशर गिरा और हार्ट फेलियर हुआ।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
प्रसिद्ध स्किन एक्सपर्ट डॉ. अंकुर सरीन बताते हैं:
“ग्लूटाथियोन और विटामिन C आमतौर पर सेफ होते हैं, लेकिन अगर किसी ने उपवास किया हो या इलेक्ट्रोलाइट्स कम हों, तो ये दवाएं हार्ट पर ज्यादा प्रेशर डाल सकती हैं। इससे कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।”
जोखिम तब बढ़ता है जब:
- आप खाली पेट हों
- बीपी या शुगर की समस्या हो
- बिना डॉक्टरी सलाह के इंजेक्शन लिया जाए
- डोज़ गलत हो या फ्रीक्वेंसी बहुत ज्यादा हो
क्या ग्लूटाथियोन वाकई जानलेवा हो सकता है?
ग्लूटाथियोन खुद में खतरनाक नहीं है, अगर इसे सही मात्रा और डॉक्टर की सलाह पर लिया जाए।
लेकिन निम्नलिखित स्थितियों में यह घातक हो सकता है:
| जोखिम स्थिति | संभावित खतरा |
|---|---|
| खाली पेट इंजेक्शन | बीपी गिरना, हार्ट अरेस्ट |
| इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन | हृदय पर दबाव |
| बिना डॉक्टर के निगरानी | ओवरडोज़, साइड इफेक्ट्स |
| व्रत के दौरान इस्तेमाल | कार्डियक स्ट्रेस |
वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?
सेफ्टी स्टेटस:
- US FDA ने ग्लूटाथियोन को GRAS (Generally Recognized As Safe) की कैटेगरी में रखा है — लेकिन केवल ओरल उपयोग के लिए।
- IV (इंजेक्शन) फॉर्म पर सीमित स्टडी हैं और इसके साइड इफेक्ट्स में किडनी फेलियर, एनाफिलेक्सिस, और हाइपोटेंशन की संभावना देखी गई है।
साइड इफेक्ट्स:
- सिरदर्द
- थकान
- एलर्जी रिएक्शन
- पेट दर्द
- सांस लेने में दिक्कत (कभी-कभी)
किन्हें नहीं लेना चाहिए ग्लूटाथियोन?
- जिन्हें लिवर या किडनी की बीमारी हो
- प्रेगनेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाएं
- जिन्हें बीपी, डायबिटीज या दिल की बीमारी है
- जो लोग पहले से कोई इम्यून-सप्रेसेंट दवाएं ले रहे हों
सेफ यूज़ के लिए क्या करें?
- किसी भी फॉर्म (capsule, powder, injection) को लेने से पहले डॉक्टर से क्लिनिकल क्लीयरेंस लें
- ब्लड टेस्ट, BP चेक, और लिवर/किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं
- इंजेक्शन की बजाय ओरल सप्लीमेंट को प्राथमिकता दें
- किसी भी क्रीम या दवा के प्रचार में आकर स्वयंसेवी प्रयोग न करें
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