नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : मानसून समय से पहले पहुंचा, लेकिन राहत से ज्यादा बढ़ाई चिंता, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देशभर में समय से पहले दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने 8 जुलाई की सामान्य तिथि से 9 दिन पहले ही पूरे भारत को कवर कर लिया। यह खबर जहां किसानों के लिए राहत बनकर आई, वहीं उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में बारिश आफत बन चुकी है।
हिमाचल: पहाड़ों पर बरसी तबाही
हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी घटनाएं सामने आने लगी हैं।
- कुल्लू में 25 जून को बादल फटा था, जिसके बाद अब सोलन में भारी बारिश से शिमला-कालका रेललाइन बाधित हो गई है।
- ब्यास नदी का जलस्तर मंडी में खतरे के निशान को पार कर चुका है। लारजी डैम से निकल रहे पानी के कारण पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोलने पड़े हैं।
- अब तक हिमाचल में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
मैदानों में भी हालात बिगड़े
उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, और ओडिशा में भी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है:
- झारखंड के जमशेदपुर और रामगढ़ में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
- प्रयागराज में गंगा उफान पर है।
- राजस्थान के पाली और ओडिशा के मयूरभंज में बाढ़ की स्थिति है।
उत्तराखंड में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा रोकी गई
उत्तराखंड में रेड अलर्ट जारी किया गया है और चारधाम यात्रा को फिलहाल 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है:
- बद्रीनाथ और केदारनाथ के श्रद्धालुओं को रुद्रप्रयाग में रोका गया है।
- उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना में 9 मजदूर मलबे में दब गए हैं, जिनमें से दो के शव मिल चुके हैं।
- यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे भी बंद हैं।
क्या कहता है मौसम विभाग?
IMD ने अगले 24 से 48 घंटे में उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
हिमाचल, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से निचले क्षेत्रों से हटने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
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