Gurugram News: गुरुग्राम में 1.53 लाख किलो गेहूं का हिसाब गायब, 4 अधिकारियों पर FIR

Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram में सरकारी राशन व्यवस्था से जुड़े 1,53,104 किलोग्राम गेहूं के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तत्कालीन अधिकारियों समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। कार्रवाई मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है।

पूर्व DFSC समेत चार नाम जांच के घेरे में

मामले में तत्कालीन DFSC अनिल कुमार, AFSO विजय कुमार, निरीक्षक प्रेमपूर्ण सिंह और उप निरीक्षक राकेश कुमार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ IPC की धारा 409, 420, 120बी और 384 के तहत मामला दर्ज किया है।

शिकायत के आधार पर अधिकारियों पर राशन डिपो संचालकों के साथ कथित मिलीभगत कर सरकारी गेहूं को अलग-अलग POS मशीनों के जरिए ट्रांसफर करने का आरोप है।

तीन महीनों में 1.53 लाख किलो गेहूं ट्रांसफर

मामले की जांच के दौरान सरकारी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच में जुलाई, अगस्त और नवंबर 2023 के दौरान कई POS मशीनों के बीच बड़ी मात्रा में गेहूं ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली।

रिकॉर्ड के मुताबिक:

जुलाई 2023 में 71,735 किलो,
अगस्त 2023 में 57,969 किलो और
नवंबर 2023 में 23,400 किलो गेहूं ट्रांसफर किया गया।

तीनों महीनों का आंकड़ा जोड़ने पर 1,53,104 किलो गेहूं सामने आया, जिसे जांच में गबन से जोड़कर देखा जा रहा है।Gurugram

कई मशीनों का राशन डिपो से नहीं मिला कनेक्शन

जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। जिन POS मशीनों के जरिए गेहूं ट्रांसफर हुआ, उनमें से कुछ मशीनें किसी राशन डिपो के नाम पर आवंटित ही नहीं मिलीं।

जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2020 के बाद इन मशीनों पर सरकारी राशन आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। इसके बाद मामले में रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई।

डिपो होल्डर की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत राशन डिपो होल्डर रूपेश अरोड़ा की शिकायत से हुई। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने विभागीय रिकॉर्ड की जांच की।

17 फरवरी 2026 को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज लिए गए। इसके अलावा अधिकारियों के बयान और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी जांची गई।

राकेश कुमार पर 1.29 लाख रुपये लेने का आरोप

मामले में उप निरीक्षक राकेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार उन्होंने डिपो होल्डर बाबूराम गुप्ता से दूसरी राशन डिपो मशीनों को अटैच करने के बदले कथित तौर पर 1,29,200 रुपये लिए।

अब Gurugram पुलिस इस आरोप से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन की जानकारी भी जुटा रही है।

2022 से 2026 तक के रिकॉर्ड की पड़ताल

Gurugram पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए 1 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 तक POS मशीनों के बीच हुए राशन ट्रांसफर का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इस अवधि में किन मशीनों से कितना राशन ट्रांसफर हुआ और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही।Gurugram

अधिकारियों पर पहले भी दर्ज हैं मामले

पूर्व DFSC अनिल कुमार का नाम इससे पहले भी राशन डिपो से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। उनके खिलाफ गुरुग्राम और करनाल में मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है।

वहीं AFSO विजय कुमार टांक और निरीक्षक प्रेम पूर्ण सिंह के खिलाफ भी पहले गबन से जुड़े मामलों में कार्रवाई और निलंबन की जानकारी सामने आई है।

Gurugram पुलिस अब पूरे मामले में सरकारी रिकॉर्ड, POS मशीनों के डेटा और संबंधित लेन-देन की जांच कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles