जींद, वायरल सच (ब्यूरो): इनकम टैक्स विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों को नामजद करते हुए कुछ अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव हैबतपुर निवासी सुनीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अर्बन एस्टेट निवासी अमन करीब दो साल से उनके घर दूध लेने आता था। इसी दौरान अमन ने उसे बताया कि उसके जानकार और रिश्तेदार इनकम टैक्स विभाग में बड़े पदों पर हैं तथा गृह मंत्रालय में भी उनकी अच्छी पकड़ है।
सुनीता के अनुसार, वर्ष 2025 में अमन ने उससे कहा कि यदि किसी को सरकारी नौकरी लगवानी हो तो उसे बताया जाए। अमन की बातों पर विश्वास करते हुए उसने अपने बेटे निशांत और भतीजे निखिल को इनकम टैक्स विभाग में नौकरी लगवाने के बारे में उससे बात की।
आरोप है कि अमन ने दोनों को नौकरी लगवाने के बदले 24 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद 2 अगस्त 2025 को अमन सुनीता को अपने घर ले गया और वहां उसकी मां निशा शर्मा से मिलवाया।
शिकायत के अनुसार, 4 अगस्त 2025 को सुनीता ने अमन, उसकी मां निशा शर्मा और पिता राममेहर को 20 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद अमन अपने बेटे निशांत और भतीजे निखिल को दिल्ली गृह मंत्रालय के पास ले गया। वहां उसने एक व्यक्ति से मुलाकात कराई, जिसे इनकम टैक्स विभाग का बड़ा अधिकारी बताते हुए उसका नाम विजय राठौड़ बताया गया।
सुनीता ने बताया कि वहां विभाग के लोगों ने यह भी कहा कि नौकरी लगवाने के नाम पर पहले भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी हो चुकी है। इसके बाद वे वापस घर लौट आए।
नौकरी नहीं लगने पर सुनीता ने अमन से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि आरोपितों ने 22 दिसंबर तक 10 लाख रुपये वापस कर दिए, जबकि बाकी 10 लाख रुपये लौटाने के लिए शपथ पत्र देकर जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया।
शिकायत के मुताबिक, इसके बावजूद आरोपितों ने बकाया 10 लाख रुपये वापस नहीं किए। जब सुनीता ने अपनी रकम वापस करने के लिए दबाव बनाया तो आरोपितों ने रुपये लौटाने से मना कर दिया और कथित तौर पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी।
सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी आशीष ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने सुनीता की शिकायत पर अमन, उसके पिता राममेहर, मां निशा शर्मा और विजय राठौड़ को नामजद करते हुए कुछ अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
