गुरुग्राम: साधना से मिलता है आंतरिक संतुलन, अनिश्चित संसार में राजयोग अपनाने का संदेश

गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सेक्टर-82 स्थित सेवाकेंद्र द्वारा ‘अनिश्चित संसार में आंतरिक संतुलन’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और राजयोग, ध्यान तथा सकारात्मक सोच के महत्व को समझा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि जीवन में वास्तविक संतुलन बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि साधना से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते समय में आध्यात्मिकता ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा है, जो उसे भीतर से शक्तिशाली बनाती है।

उन्होंने बताया कि राजयोग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वह तनाव, भय तथा मानसिक अशांति से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना सीखता है। बीके आशा ने कहा कि आत्मा का मूल स्वरूप शांत और शक्तिशाली है, लेकिन भौतिक आकर्षणों के कारण उसकी शक्ति कमजोर हो जाती है। राजयोग के निरंतर अभ्यास से आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप में लौट आती है और कठिन परिस्थितियों का सामना साक्षी भाव से करना संभव होता है।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी ने कहा कि बाहरी परिस्थितियां हमेशा हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन अपने विचारों और प्रतिक्रियाओं को सही दिशा देकर मन को शांत और स्थिर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जैसे विचार करता है, वैसी ही ऊर्जा अपने संबंधों और आसपास के वातावरण में फैलाता है। इसलिए हर परिस्थिति में दोषारोपण या चिंता करने के बजाय समाधान, स्वीकार्यता और सकारात्मक संकल्पों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने सभी को दिन की शुरुआत शुद्ध एवं सकारात्मक विचारों के साथ करने तथा नियमित मेडिटेशन अपनाने की प्रेरणा दी, जिससे मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है।

कार्यक्रम में मानेसर नगर निगम की मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव, आरवी अस्पताल की सीईओ डॉ. रेणु यादव, सह-संस्थापक डॉ. विक्रम सिंह, फिल्बी रियल एस्टेट के संस्थापक संजय ककरालिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सेक्टर-82 सेवा केंद्र की संचालिका बीके संध्या बहन ने किया।

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