नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन भारत तब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा, जब तक उसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ लाभ नहीं मिलता।
लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) यूके-इंडिया वीक को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया, चीन, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले अधिक अनुकूल टैरिफ मिले। उन्होंने कहा कि भारत के लिए केवल व्यापार समझौता करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
इस बीच, यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष एवं सीईओ मुकेश आघी ने कहा कि यह केवल तकनीकी नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि उसे अपने पड़ोसी देशों की तुलना में कम टैरिफ मिले, जिससे भारतीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बन सके। आघी के अनुसार, वर्तमान में भारत पर 12.5 प्रतिशत और पाकिस्तान पर 10 प्रतिशत टैरिफ होने के कारण यह विषय राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप प्रशासन ऐसा समाधान तलाशेगा जो भारत और अमेरिका दोनों के हितों के अनुरूप हो।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में भारत और अमेरिका के बीच दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय बैठक में प्रस्तावित व्यापार समझौते के प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने 24 जुलाई को समाप्त होने वाली 10 प्रतिशत अस्थायी अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था से पहले समझौते को अंतिम रूप देने पर व्यापक विचार-विमर्श किया।