फतेहाबाद, वायरल सच (हि.स.): फतेहाबाद में खाकी दागदार हुई है। ऐसा ही चौंकाने वाला मामला फतेहाबाद के सदर थाने से सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हडक़ंप मचा दिया है। थाने के सुरक्षित माने जाने वाले मालखाने से जब्त की गई शराब की 160 से अधिक पेटियां गायब हो गई हैं। शक की सुई किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि थाने के रखवालों पर ही घूम गई है। इस बड़ी लापरवाही या मिलीभगत के सामने आते ही फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन क्लीन चला दिया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निकिता खट्टर के आदेश पर शनिवार सुबह फतेहाबाद के पूर्व सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 256 और 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 
इतना ही नहीं, विभाग में इस कदर नाराजगी है कि एसपी ने एक झटके में पूरे सदर थाना स्टाफ का तबादला कर दिया है।सूत्रों के मुताबिक, तीन दिन पहले ही सदर थाने में एसएचओ का बदलाव हुआ था। नए एसएचओ के चार्ज लेने के बाद जब नियमानुसार मालखाने में रखे जब्त सामान और रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक के मुकाबले 160 पेटी शराब कम पाई गई। एसपी ने तुरंत इस पर विस्तृत जांच के आदेश दिए, जिसके बाद यह एफआईआर दर्ज हुई।पिछले हफ्ते मिला था सम्मानइस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि जिस इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह पर आज केस दर्ज हुआ है, उन्हें पिछले सप्ताह ही एसपी निकिता खट्टर ने उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया था। लेकिन जैसे ही मालखाने से शराब गायब होने का सच सामने आया, एसपी ने बिना किसी संकोच के पहले उन्हें पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजा और अब उन पर केस ठोक दिया। मामले की परतें खोलने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला के नेतृत्व में गठित इस टीम में डीएसपी जगदीश काजला तथा सिटी एसएचओ सुरेंद्रा को शामिल किया गया है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने खुद मालखाने का बारीकी से निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।प्रशासनिक फेरबदलसदर थाने में प्रहलाद सिंह की जगह अब रतिया सदर थाना प्रभारी प्रहलाद राय को फतेहाबाद सदर थाना का नया मुखिया बनाया गया है। वहीं, बड़ोपल चौकी प्रभारी शीशपाल सिंह को रतिया सदर थाना की कमान सौंपी गई है। मालखाने से इतनी भारी मात्रा में शराब की पेटियां कैसे गायब हुई, क्या पुलिस वाले खुद इसे गटक गए या इसे बाजार में खपा दिया गया। इसको लेकर एसआईटी की जांच जारी है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस महकमे के कई और चेहरों से नकाब उतर सकता है।