Gurugram, वायरल सच (ब्यूरो): Gurugram में बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने कदम तेज कर दिए हैं। मिशन प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम के तहत नगर निगम Gurugram की ओर से ठेकेदारों और जूनियर इंजीनियरों (JE) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सड़क निर्माण, मरम्मत और विकास कार्यों के दौरान धूल को नियंत्रित करने के वैज्ञानिक तरीकों तथा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी निर्धारित मानकों के पालन की जानकारी दी गई।
सेक्टर-10 स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य निर्माण और रखरखाव कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल को कम करना तथा कार्यस्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना रहा। कार्यशाला में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सड़क की धूल के प्रबंधन, निर्माण सामग्री के उचित रखरखाव और नियमित निगरानी जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों ने धूल नियंत्रण को बताया जरूरी
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार उपस्थित रहे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कामेश, नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कुलदीप हिन्दुस्तानी और आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि गुरुग्राम में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों, जूनियर इंजीनियरों और ठेकेदारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण, मरम्मत और अन्य विकास कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के निर्धारित उपाय अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यस्थलों पर नियमित निगरानी रखने पर जोर दिया। निर्माण कार्यों के दौरान यदि धूल नियंत्रण के उपायों की अनदेखी की जाती है, तो इसका असर आसपास के वातावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
WRI India के विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला में WRI India की ओर से रितेश, आदित्य और दीप पोनीकर ने प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने सड़क की धूल के प्रमुख स्रोतों की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सड़क निर्माण, मरम्मत, उपयोगिता सेवाओं से जुड़े कार्यों और निर्माण सामग्री के अनुचित रखरखाव के कारण धूल फैल सकती है। ऐसे में निर्माण स्थलों पर उचित प्रबंधन, सामग्री का सुरक्षित रखरखाव और नियमित निरीक्षण आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने ठेकेदारों और जूनियर इंजीनियरों को समझाया कि प्रदूषण नियंत्रण केवल कार्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे निर्माण और रखरखाव चरण के दौरान आवश्यक सावधानियां अपनाई जानी चाहिए।
सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान किन बातों पर रहेगा जोर
कार्यशाला में सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए कार्यस्थलों पर निर्धारित मानकों का पालन करने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। निर्माण एवं रखरखाव कार्यों में निम्नलिखित उपाय उपयोगी हैं:
- निर्माण सामग्री का उचित रखरखाव: रेत, मिट्टी और अन्य सामग्री को इस तरह रखा जाए कि हवा से धूल फैलने की आशंका कम हो।
- धूल नियंत्रण के उपाय: कार्यस्थल की परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त धूल नियंत्रण तकनीकों को अपनाया जाए।
- मलबे का व्यवस्थित प्रबंधन: निर्माण से निकलने वाले मलबे को अनियंत्रित रूप से फैलने से रोका जाए।
- नियमित निगरानी: जूनियर इंजीनियर और संबंधित अधिकारी कार्यस्थलों पर निर्धारित उपायों के पालन की जांच करें।
- मानकों का अनुपालन: ठेकेदार निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान लागू प्रदूषण नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
मिशन प्रदूषण मुक्त Gurugram का उद्देश्य
मिशन प्रदूषण मुक्त Gurugram के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और ठेकेदारों को सड़क की धूल के प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को जमीनी स्तर पर लागू करने की क्षमता बढ़ाना है।
Gurugram में सड़क निर्माण, मरम्मत, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य सार्वजनिक कार्यों के दौरान धूल का उचित प्रबंधन वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के बीच समन्वय आवश्यक है।
कार्यशाला में दिए गए तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाने पर ध्यान दिया गया कि निर्माण स्थलों पर निर्धारित मानकों का पालन और नियमित निगरानी प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
Gurugram शहर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ऐसे प्रयासों की सफलता उनके नियमित क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। सड़क की धूल पर नियंत्रण, निर्माण सामग्री का व्यवस्थित प्रबंधन और प्रदूषण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन Gurugram की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
