जींद, वायरल सच (ब्यूरो) : रेसलर विनेश फोगाट बनी मां—यह खुशखबरी लेकर आई है कि जुलाना (जींद) से कांग्रेस विधायक और हॉकी रिंगर रेसलर विनेश फोगाट को मंगलवार सुबह दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बेटे का जन्म हुआ। दिलचस्प बात है कि सोमवार शाम से ही वे अस्पताल में भर्ती थीं। फिलहाल, जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किया नया संदेश
6 मार्च 2025 को रेसलर विनेश फोगाट बनी मां की पहली झलक की तैयारी को साझा करते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट किया:
“Our love story continues with a new chapter”
इस पोस्ट में पति सोमवीर राठी के साथ तसवीरें थीं, जिसमें अद्वितीय प्रेम और गर्व झलक रहा था। नवजात के फुटप्रिंट और हार्ट का चिन्ह भी साझा किया गया, जिसने फैंस का दिल जीत लिया था।
पहलवान से अब मां बनने तक का प्रेरक सफर
- पेहली भूमिका: वर्ष 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत कर न केवल देश का नाम रौशन किया, बल्कि अपने जीवन साथी सोमवीर राठी से भी प्रेम की स्थापना की। एयरपोर्ट पर प्रेम प्रस्ताव और अंगूठी पहनाना, यह पल आज भी फैंस के लिए यादगार है।
- शादी और साथी जीवन: दोनों ने 14 दिसंबर 2018 को विवाह किया। इस विवाह का अनुसंधान भी अनोखा था क्योंकि उन्होंने आठ फेरे लिए—आठवें फेरे पर “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ–बेटी खिलाओ” की शपथ ली।
- राजनीतिक सफर: पेरिस ओलिम्पिक के बाद कांग्रेस में शामिल हुईं, चुनाव लड़ीं और जुलाना से विधायक बनीं।
इस यात्रा ने उनका किरदार एक मां, नेता और खिलाड़ी तीनों रूपों में स्थापित किया है।
संगठित पारिवारिक प्रेरणा
पति सोमवीर राठी भी एक प्रमुख पहलवान हैं और दो बार नेशनल चैंपियन रह चुके हैं। उनके बीच के साझेदार होने और उसी प्रेम-प्रोत्साहन ने उन्हें “रेसलर विनेश फोगाट बनी मां” तक पहुंचाया। यह युवा जोड़ी देश में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।
नेताओं और समर्थकों की बधाइयों का सिलसिला
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा:
“कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को पुत्र रत्न की प्राप्ति पर हार्दिक बधाई। नवजात बच्चे और माँ दोनों स्वस्थ रहें, परिवार के लिए आनंद और खुशियाँ लाएं।”
इसी तरह से श्रोताओं, प्रशंसकों और टीवी चैनलों में भी उल्लास का माहौल है।
“रेसलर विनेश फोगाट बनी मां” से क्या मिलती है प्रेरणा?
- स्त्री सशक्तिकरण का प्रतीक: खेल और राजनीति में नाम कमाने वाली अब मातृत्व को अपनाकर बहुआयामी व्यक्तित्व की मिसाल दे रही हैं।
- समाज में संदेश: आठ वफे लेकर बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ की शपथ लेना उनकी सोच का परिचायक है, जो शिक्षा और समानता को सर्वोपरि रखता है।
- राष्ट्रीय प्रेरणा: देशभर के युवा नारी–पुरुषों के लिए प्रेरणा कि कैसे पेशेवर, व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन संजो सकते हैं।
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