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रक्षाबंधन पर देशभर में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद: खंडेलवाल

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नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर देशभर के बाजारों में खरीदारी का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर देशभर में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। इनमें अकेले राखियों का कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।

बाजारों में खरीदारी का बढ़ा उत्साह

रक्षाबंधन में अब केवल चार दिन शेष रहने के साथ ही दिल्ली समेत देशभर के बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, लाजपत नगर, कमला नगर, राजौरी गार्डन, गांधी नगर, खारी बावली और लक्ष्मी नगर समेत कई बाजारों में शाम के समय विशेष रौनक देखने को मिल रही है।

व्यापारियों के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन की खरीदारी को लेकर उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में अधिक नजर आ रहा है।

‘विकसित भारत’ और ‘ब्रह्मोस’ राखियों की मांग

प्रवीन खंडेलवाल के कार्यालय में महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों ने देशभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण की थीम पर आधारित राखियों के निर्माण का लाइव प्रदर्शन किया।

इस वर्ष बाजार में ‘विकसित भारत राखी’, ‘मोदी गारंटी राखी’, ‘ब्रह्मोस राखी’, ‘नारी वंदन राखी’, ‘आत्मनिर्भर भारत राखी’, ‘वोकल फॉर लोकल राखी’, ‘भारत गौरव राखी’, ‘लखपति दीदी राखी’, ‘नमामि गंगे राखी’, ‘राष्ट्र रक्षा सूत्र राखी’ और ‘अमृतकाल राखी’ की मांग बढ़ने की बात कही गई है।

बच्चों और युवाओं में ‘ब्रह्मोस राखी’ का क्रेज

खंडेलवाल के अनुसार, युवा और बच्चे ‘ब्रह्मोस राखी’, ‘राष्ट्र रक्षा सूत्र राखी’ और ‘विकसित भारत राखी’ को लेकर खासे उत्साहित हैं।

वहीं महिलाओं के बीच ‘नारी वंदन राखी’ और ‘लखपति दीदी राखी’ लोकप्रिय हो रही हैं। इन राखियों के जरिए महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया जा रहा है।

अकेले राखियों का कारोबार 25 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

कैट को देशभर के व्यापारिक संगठनों से मिली रिपोर्टों के आधार पर इस वर्ष राखियों का कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। अकेले दिल्ली में राखियों का कारोबार करीब 4 हजार करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है।

यदि राखियों के साथ उपहार, मिठाई, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स, पूजा सामग्री और अन्य त्योहारी उत्पादों को भी शामिल किया जाए तो रक्षाबंधन से जुड़ा कुल कारोबार 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की संभावना है।

गिफ्ट और स्थानीय बाजारों की बढ़ी मांग

इस बार बाजारों में गिफ्ट पैकेज, चॉकलेट हैम्पर, ड्राई फ्रूट गिफ्ट बॉक्स, हस्तशिल्प उत्पाद, एथनिक परिधान और पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के विकल्प मौजूद होने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्राहक स्थानीय बाजारों में जाकर खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। इससे देशभर के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों और उत्साह को नई गति मिली है।

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