Home Delhi NCR PM Modi Climate Conference: 19 सितंबर को Science Bhavan में उद्घाटन

PM Modi Climate Conference: 19 सितंबर को Science Bhavan में उद्घाटन

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नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): PM Modi शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय यह सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से आयोजित किया जा रहा है।

पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों पर होगी चर्चा

PM Modi कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण से जुड़े मामलों में न्यायिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक ज्ञान और संस्थागत अनुभवों को एक मंच पर लाना है। इसके जरिए पर्यावरणीय शासन व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश होंगे शामिल

सम्मेलन में भारत के उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के अलावा जिला न्यायालयों के न्यायाधीश भी भाग लेंगे। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ तथा पर्यावरण से जुड़े अन्य हितधारक भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 17 देशों के प्रतिष्ठित न्यायाधीशों और न्यायिक प्रतिनिधियों की भागीदारी भी होगी। इससे विभिन्न देशों के पर्यावरणीय कानूनों और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।

राज्य स्तरीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी लेंगे हिस्सा

सम्मेलन में केवल न्यायिक और केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि कई राज्य स्तरीय पर्यावरण एवं कानूनी संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

इनमें राज्य न्यायिक अकादमियां, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियां (SEAC), राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) और राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हैं।

पर्यावरणीय शासन में सुधार पर जोर

सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों और संस्थानों के बीच न्यायिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक जानकारी, पर्यावरणीय शासन की प्रक्रियाओं और संस्थागत अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

इसके साथ ही पर्यावरण एवं जलवायु से जुड़े मामलों में नीति निर्माण, नीतियों के क्रियान्वयन और उनके प्रभावी प्रवर्तन के दौरान सामने आने वाली कमियों पर भी चर्चा होगी।

सहयोग बढ़ाने के उपायों पर होगा मंथन

दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरणीय शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों और देशों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है।

सम्मेलन के माध्यम से पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए न्यायपालिका, सरकार, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

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