नूंह में ₹20 हजार रिश्वत लेते ASI गिरफ्तार, केस से पति-पत्नी का नाम हटाने की थी डिमांड

नूंह, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के नूंह जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेने के आरोप में थाना अकेड़ा में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) अशोक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ASI ने एक मामले से शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी का नाम हटवाने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद गुरुग्राम की SV&ACB टीम ने जाल बिछाया और 12 अक्टूबर को कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

केस से पति-पत्नी का नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ACB को दी शिकायत में आरोप लगाया कि थाना अकेड़ा में तैनात ASI अशोक ने एक केस से उसका और उसकी पत्नी का नाम निकलवाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस कथित मांग के संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया।

शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जानकारी जुटाई और आगे की कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने आरोपी को कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की।

इंस्पेक्टर संत राम के नेतृत्व में बिछाया गया जाल

जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम SV&ACB की टीम ने इंस्पेक्टर संत राम के नेतृत्व में ट्रैप लगाया। 12 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान ASI अशोक को 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सरकारी पद पर तैनात किसी अधिकारी पर केस से नाम हटाने के बदले पैसे मांगने का आरोप गंभीर माना जाता है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

ACB ने इस मामले में गुरुग्राम स्थित अपने थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A और 13(1)(b), सहपठित धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों के अनुसार, ट्रैप की कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। यह प्रावधान निर्धारित परिस्थितियों में तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग से संबंधित है।

मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान शिकायत, कथित रिश्वत की मांग, ट्रैप की कार्रवाई और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।

ACB की कार्रवाई से फिर उठा जवाबदेही का सवाल

भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करना सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में शिकायत की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है।

नूंह के इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उससे और उसकी पत्नी से जुड़े मामले में राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। ACB की कार्रवाई के बाद अब जांच में सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। आरोपी को दोषी ठहराने का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।ASI

नूंह में ₹20 हजार रिश्वत लेने के आरोप में ASI अशोक की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई से जुड़ा मामला है। शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी का नाम केस से हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। गुरुग्राम SV&ACB की टीम ने 12 अक्टूबर को ट्रैप लगाकर कार्रवाई की और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

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